एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन द्वारा जगेश्वरधाम में नवीन WEC केंद्र का भव्य उद्घाटन, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और मजबूत कदम
चंदौली : एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन के P4 जोन के अंतर्गत चकिया क्षेत्र अंतर्गत जगेश्वरधाम में नवीन WEC (Women Empowerment Center) केंद्र का भव्य उद्घाटन समारोह बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सुभाष सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ओंकार, गायत्री मंत्र, सरस्वती वंदना, हनुमान चालीसा एवं ध्येय वाक्य के पाठ के साथ हुई, जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी वातावरण निर्मित हुआ। इसके बाद सभी अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया गया तथा केंद्र कक्ष में नारियल फोड़कर विधिवत प्रवेश कराया गया।
मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने उपस्थित बालिकाओं एवं महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शिक्षा, कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान अशोक जी ने एकल अभियान की प्रस्तावना प्रस्तुत की, वहीं रवि कुमार मौर्य (संभाग गतिविधि प्रमुख) ने नारी शक्ति के उत्थान, शिक्षा और सशक्तिकरण पर विस्तार से अपने विचार रखे।
अपने संबोधन में सुभाष सिंह ने कहा कि “शिक्षा और कौशल विकास समाज को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। यह WEC केंद्र बहनों और बालिकाओं को स्वरोजगार एवं स्वावलंबन की दिशा में नई ऊर्जा और अवसर प्रदान करेगा।”
कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से जुड़े हिमांशु मेहरा ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए महिलाओं को निरंतर सीखने और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। समापन अवसर पर डॉ. राजेश (संभाग आरोग्य योजना सचिव) ने धन्यवाद ज्ञापन एवं शुभ उद्बोधन के साथ कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की।
इस अवसर पर शिवम कुमार (स्टेट कोऑर्डिनेटर), त्रिलोक शंकर सिंह (अंचल अध्यक्ष), राम कुमार (भाग प्रमुख), मुकेश कुमार (भाग प्रशिक्षण प्रमुख), ज्ञान चंद्र (अंचल प्रशिक्षण प्रमुख एवं कार्यक्रम संचालक), दुर्गावती जी, शिलाना जी, प्रकाश जी, शशि प्रकाश दुबे, सुजीत जी सहित अनेक पदाधिकारी, संच प्रमुख, आचार्य बहनें, अभिभावक, मीडिया प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में बालिकाएं उपस्थित रहीं।
यह नवीन WEC केंद्र क्षेत्र की महिलाओं और बालिकाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।


















