किश्त बकाया होने पर ट्रक छीनना पड़ा भारी, फाइनेंस एजेंसी का यार्ड संचालक गिरफ्तार
चंदौली : सैयदराजा थाना क्षेत्र के नौबतपुर में ट्रक की किश्त बकाया होने पर फाइनेंस एजेंसी के नाम पर जबरन वाहन छीनने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए यार्ड संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने लूटा गया ट्रक भी बरामद कर लिया है। मामले में अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार मुजफ्फरपुर (चकिया) निवासी ट्रक चालक अमिताभ साहनी ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी कि वह वाहन संख्या BR44GA7998 चला रहा था। 2 जून 2026 को दोपहर करीब तीन बजे नौबतपुर के पास कुछ लोग स्वयं को फाइनेंसर बताकर तीन-चार चारपहिया वाहनों से पहुंचे और ट्रक को जबरन रोक लिया। विरोध करने पर खलासी के साथ मारपीट की गई तथा ट्रक को जबरन कब्जे में लेकर मौके से फरार हो गए।
चालक का आरोप था कि वाहन की केवल एक किस्त, लगभग 47,958 रुपये, बकाया थी, इसके बावजूद दबंगई के बल पर ट्रक उठा लिया गया। जांच में पता चला कि ट्रक को दुर्गावती (कैमूर, बिहार) स्थित वैष्णवी पार्किंग यार्ड में खड़ा किया गया था।
पीड़ित की तहरीर के आधार पर सैयदराजा थाने में अभियोग संख्या 172/2026 के तहत धारा 309(6) एवं 317(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
उच्चाधिकारियों के निर्देशन में गठित पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए प्रिंस सिंह उर्फ भानू प्रताप पुत्र टुन्नु सिंह, निवासी ग्राम दुलही, पोस्ट करजी, थाना चांद, जनपद कैमूर (बिहार) को वैष्णवी एसोसिएट्स पार्किंग यार्ड से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही लूटा गया ट्रक भी बरामद कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान भारत रेपोसेशन एजेंसी के अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई है। उनके विरुद्ध गिरफ्तारी समेत अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
एसपी ने पहले ही दी थी चेतावनी
पुलिस अधीक्षक चंदौली ने बताया कि लगभग दो माह पूर्व जिले की विभिन्न फाइनेंस एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि ऋण वसूली या वाहन रिकवरी के दौरान किसी भी प्रकार की जबरदस्ती, दबाव, धमकी या गुंडई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रिकवरी की कार्रवाई केवल निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही की जाए।
उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि किसी एजेंट या कर्मचारी द्वारा वाहन जबरन खींचने, अभद्र व्यवहार करने अथवा डराने-धमकाने जैसी शिकायत मिली तो संबंधित के खिलाफ लूट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध तरीके से वाहन रिकवरी करने वालों के खिलाफ एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। मामले की विवेचना जारी है और अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।


















