चंदौली में वादे की अग्निपरीक्षा! दोगुनी जमीन तैयार, 7 दिन में शुरू होगा अखाड़ा? मंच से दावे के बाद मिली चुनौती

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चंदौली में वादे की अग्निपरीक्षा! दोगुनी जमीन तैयार, 7 दिन में शुरू होगा अखाड़ा? मंच से दावे के बाद मिली चुनौती

चंदौली : जनपद में एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए एक बयान ने अब जनचर्चा का बड़ा रूप ले लिया है। भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह ‘बबलू’ ने मंच से दावा किया कि यदि उन्हें 6 से 8 बिस्वा जमीन उपलब्ध करा दी जाए, तो वह मात्र 7 दिनों के भीतर अंतरराष्ट्रीय मानकों (UWW) के अनुरूप कुश्ती प्रशिक्षण केंद्र का काम शुरू करा देंगे।

6-8 बिस्वा की मांग पर 14 बिस्वा की पेशकश

कार्यक्रम में मौजूद डैडीज इंटरनेशनल स्कूल कांटा बिसुनपुरा के संस्थापक डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने इस पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए एक बड़ा प्रस्ताव रख दिया। उन्होंने कहा कि बिशुनपुरा में वह 14 बिस्वा जमीन देने के लिए तैयार हैं वह भी बिना किसी देरी के। इस घोषणा के साथ ही माहौल तालियों से गूंज उठा, लेकिन इसके साथ ही एक सीधी चुनौती भी सामने आ गई।

जनता की निगाहें टिकीं, 7 दिन में दिखेगा सच?

अब सवाल केवल जमीन उपलब्ध कराने का नहीं, बल्कि किए गए वादे को निभाने का है। जब मांगी गई जमीन से कहीं अधिक जमीन देने की पेशकश सार्वजनिक मंच से हो चुकी है, तो अब पूरे चंदौली की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या 7 दिन के भीतर वाकई निर्माण कार्य की शुरुआत होती है।

खेल क्रांति या महज बयानबाजी?

स्थानीय लोगों के बीच इसे लेकर उत्सुकता और बहस दोनों बढ़ गई हैं। एक वर्ग इसे पूर्वांचल में खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मान रहा है, तो वहीं दूसरा वर्ग इसे ‘कथनी और करनी’ की कसौटी के रूप में देख रहा है।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई हलचल

सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो ने इस मुद्दे को और अधिक संवेदनशील बना दिया है, क्योंकि अब यह केवल मंच तक सीमित बयान नहीं, बल्कि जनता के बीच एक खुला वादा बन चुका है।

पहलवानों के सपनों का अखाड़ा हकीकत बनेगा या रह जाएगा सपना?

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है क्या 7 दिन के भीतर पहलवानों के लिए अत्याधुनिक अखाड़े की नींव रखी जाएगी, या फिर यह दावा भी समय के साथ चर्चा बनकर रह जाएगा?