विश्व वानिकी दिवस पर बलुआ घाट में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान, वन विभाग ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
चंदौली : विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर शनिवार को जनपद में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वन विभाग द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” थीम के तहत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन बलुआ घाट पर प्रभागीय वन अधिकारी बी. शिव शंकर के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें वन विभाग की टीम के साथ स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्राधिकारी वन विभाग राम सवेरे यादव ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए वृक्षों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल हमारे जीवन के आधार हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी उनकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने सभी को यह संकल्प दिलाया कि हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए।
इस अवसर पर गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक जायसवाल ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “जंगल हमारी पृथ्वी के फेफड़े हैं। ये हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और हानिकारक कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं। वन वर्षा लाने, मिट्टी के कटाव को रोकने और जैव विविधता को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और पर्यावरण बचाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान वृक्षों के संरक्षण एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने में सराहनीय योगदान देने वाले सात लोगों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में अंकित जायसवाल, राजेश सोनकर, नीरज साहनी, राजेश यादव, अजीत निषाद, साधु निषाद सहित अन्य लोग शामिल रहे।
इस आयोजन में वन विभाग की टीम के सदस्य जितेंद्र यादव, अभिषेक यादव, कैलाश यादव, विजय लाल यादव, रामदुलारे यादव, राजकुमार, श्रीराम, पिंटू समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को सफल बनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामूहिक पहल का उदाहरण प्रस्तुत किया गया, जिससे क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने और प्रकृति को सुरक्षित रखने का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।


















