व्यापार में धोखाधड़ी का आरोप लगाकर रचा प्लान, आरपीएफ की सतर्कता से मासूम की बची जान

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व्यापार में धोखाधड़ी का आरोप लगाकर रचा प्लान, आरपीएफ की सतर्कता से मासूम की बची जान

चंदौली/अयोध्या : राम नगरी अयोध्या में स्थित राम जन्मभूमि तीर्थ स्थल के पास एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां व्यापारिक विवाद की वजह से एक युवक ने अपने ही दोस्त के डेढ़ वर्षीय मासूम बेटे का अपहरण कर लिया। गनीमत रही कि समय रहते रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता से मासूम को सकुशल बरामद कर लिया गया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

रेलवे हेल्पलाइन को मिली अहम सूचना

मामला गुरुवार की रात का है जब रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना मिली कि अयोध्या से एक 15 महीने के बच्चे का अपहरण कर लिया गया है और अपहरणकर्ता डीडीयू (मुगलसराय) जंक्शन होते हुए बिहार की ओर भाग रहा है। सूचना मिलते ही डीडीयू RPF की टीम सक्रिय हो गई। सबसे पहले उन्होंने शिकायतकर्ता गोपाल कुमार से संपर्क कर मासूम का पूरा हुलिया लिया और तुरंत ट्रेनों की जांच शुरू कर दी।

आरपीएफ की तत्परता से मिली सफलता

इसी बीच प्लेटफॉर्म संख्या तीन पर जम्मूतवी-कोलकाता एक्सप्रेस के आगमन की सूचना मिली। आरपीएफ टीम ने तुरंत जनरल कोच में तलाशी अभियान शुरू किया, जहां उन्हें वह मासूम बच्चा मिल गया, जिसे आरोपी प्रभात कुमार लेकर यात्रा कर रहा था। प्रभात बिहार के गया जिले के खिजर सराय का निवासी है। मौके पर ही उसे हिरासत में ले लिया गया।

पूछताछ में आरोपी प्रभात कुमार ने चौकाने वाला किया खुलासा

आरोपी ने बताया कि वह और गोपाल कुमार, जो कि नवादा, नांगली बिहार एक्सटेंशन, बपरौला वेस्ट दिल्ली का निवासी है, ने अयोध्या राम जन्मभूमि के गेट नंबर एक के पास मूर्तियों की दुकान शुरू की थी। प्रभात का दावा है कि उसने इस व्यापार में गोपाल को साढ़े चार लाख रुपये का निवेश दिया था और समझौता हुआ था कि मुनाफा आधा-आधा बांटा जाएगा। लेकिन बाद में गोपाल ने पैसे देने से इनकार कर दिया। इस नाराजगी में आकर प्रभात ने बदले की भावना से गोपाल के डेढ़ साल के बेटे का अपहरण कर लिया और उसे लेकर बिहार भागने की कोशिश कर रहा था।

पिता ने ली राहत की सांस, RPF को दिया धन्यवाद

इस घटना की जानकारी मिलते ही मुगलसराय कोतवाल विजय बहादुर, क्षेत्राधिकारी आशुतोष और अयोध्या राम जन्मभूमि थाना प्रभारी को सूचना दी गई। तत्पश्चात अयोध्या थाना की पुलिस चंदौली पहुंची और बच्चे के साथ आरोपी को अपनी हिरासत में लिया। बच्चे को सकुशल वापस पाकर पिता गोपाल कुमार ने राहत की सांस ली और RPF टीम का धन्यवाद किया।

रेलवे सुरक्षा बल की तत्परता से टली बड़ी अनहोनी

इस घटना से एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया है कि रेलवे सुरक्षा बल की तत्परता और जनसहयोग से बड़ी घटनाओं को समय रहते रोका जा सकता है। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।