लोक आस्था के महापर्व छठ पर ट्रेनों में उमड़ रही भारी भीड़, रेलवे अलर्ट मोड पर

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लोक आस्था के महापर्व छठ पर ट्रेनों में उमड़ रही भारी भीड़, रेलवे अलर्ट मोड पर

चंदौली : लोक आस्था के महापर्व डाला छठ को लेकर देशभर में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश लौटने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इन दिनों रेलवे स्टेशनों पर उमड़ पड़ी है। चंदौली जिले का पंडित दीनदयाल उपाध्याय (पीडीडीयू) जंक्शन इस भीड़ का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, क्योंकि यह हावड़ा-दिल्ली रूट का महत्वपूर्ण जंक्शन होने के साथ-साथ बिहार से सीधा रेल संपर्क जोड़ता है।

भीड़ के बावजूद यात्रियों में दिखा उत्साह

दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, सूरत, पुणे जैसे महानगरों से आने वाली लगभग सभी ट्रेनों में बिहार और पूर्वांचल लौटने वाले यात्रियों की भीड़ देखी जा रही है। रेल प्रशासन द्वारा कई स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने के बावजूद हालात यह हैं कि हर डिब्बे में क्षमता से कहीं ज्यादा यात्री सफर कर रहे हैं। बावजूद इसके यात्रियों में उत्साह और आस्था की लहर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। एक यात्री ने कहा “छठी मैया की कृपा से सब ठीक रहेगा। थोड़ा कष्ट तो इस पर्व की परंपरा का हिस्सा है।”

रेलवे ने बढ़ाई सुरक्षा और सुविधा

बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पीडीडीयू जंक्शन पर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए हैं। रेल प्रशासन ने अतिरिक्त आरपीएफ और जीआरपी बलों की तैनाती की है। यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्लेटफॉर्म पर बैरिकेडिंग, अतिरिक्त टिकट काउंटर, और घोषणा प्रणाली के माध्यम से नियमित सूचना प्रसारण की व्यवस्था की गई है।

आरपीएफ की जन-जागरूकता पहल

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने भी विशेष अभियान चलाया है। आरपीएफ कर्मियों ने यात्रियों के बीच सुरक्षा से संबंधित पर्चे बांटे, साथ ही असामाजिक तत्वों से सतर्क रहने की अपील की। यात्रियों को समझाया गया कि किसी संदिग्ध व्यक्ति या सामान की जानकारी तुरंत रेलवे हेल्पलाइन या आरपीएफ ड्यूटी प्वाइंट पर दें।

छठ पर्व की आस्था पर भारी नहीं पड़ी परेशानियाँ

भीड़, टिकटों की कमी और लंबी यात्राओं के बावजूद श्रद्धालु अपने घरों तक पहुंचने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। हर यात्री के चेहरे पर एक ही उम्मीद झलक रही है “छठी मैया का पर्व अपने घर पर ही मनाना है।” रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अगले दो दिनों में और भीड़ बढ़ने की संभावना है, इसलिए अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाने और निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं।

निष्कर्ष

डाला छठ जैसे लोक आस्था के महापर्व पर जब लाखों श्रद्धालु घर लौटने की राह पकड़ते हैं, तो यह सिर्फ एक यात्रा नहीं बल्कि भावना और परंपरा का संगम होता है। भीड़, असुविधा और लंबी प्रतीक्षा के बावजूद श्रद्धालुओं के चेहरों पर उमंग और भक्ति की चमक स्पष्ट दिखती है। पीडीडीयू जंक्शन पर उमड़ी भीड़ ने रेलवे प्रशासन की चुनौती जरूर बढ़ाई है, लेकिन सुरक्षा और व्यवस्था के लिए किए गए प्रयासों ने यात्रियों को राहत दी है। अंततः, सबके दिल में एक ही विश्वास है “छठी मैया सबकी मनोकामना पूरी करेंगी और हर यात्री अपने घर सुरक्षित पहुँचेगा।”