पूर्व मध्य रेल का सख्त अभियान, 15 दिन में 2084 लोग हिरासत में, लाखों का जुर्माना वसूला

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पूर्व मध्य रेल का सख्त अभियान, 15 दिन में 2084 लोग हिरासत में, लाखों का जुर्माना वसूला

चंदौली : पूर्व मध्य रेल द्वारा ट्रेनों की समयबद्धता बनाए रखने एवं महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियानों में बड़ी संख्या में नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 01 मार्च से 15 मार्च 2026 तक चले इन अभियानों में कुल 2084 लोगों को हिरासत में लिया गया तथा लाखों रुपये का जुर्माना वसूला गया।

पूर्व मध्य रेल के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा “ऑपरेशन समय पालन” के तहत बिना उचित कारण चेन पुलिंग करने वालों पर कड़ी नजर रखी गई। इस दौरान विभिन्न रेलखंडों पर अभियान चलाकर 514 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनसे कुल 1 लाख 46 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।

सभी के विरुद्ध रेल अधिनियम की धारा 141 के तहत कार्रवाई की गई। मंडलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो दानापुर मंडल में सर्वाधिक 230 लोग पकड़े गए। इसके अलावा समस्तीपुर मंडल में 101, पं. दीन दयाल उपाध्याय मंडल में 73, सोनपुर मंडल में 66 तथा धनबाद मंडल में 44 लोगों को हिरासत में लिया गया।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बिना वजह चेन पुलिंग करने से ट्रेनों का संचालन बाधित होता है और समय सारिणी प्रभावित होती है, जिससे हजारों यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी और सख्ती बरती जा रही है।

इसी क्रम में महिला यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत “ऑपरेशन महिला सुरक्षा” के तहत महिला कोच में यात्रा करने वाले पुरुष यात्रियों के खिलाफ भी सघन अभियान चलाया गया। इस दौरान 1570 पुरुष यात्रियों को हिरासत में लिया गया तथा उनसे कुल 3 लाख 61 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। सभी के खिलाफ रेल अधिनियम की धारा 162 के तहत कार्रवाई की गई।

इस अभियान में भी दानापुर मंडल सबसे आगे रहा, जहां 840 पुरुष यात्रियों को पकड़ा गया। वहीं पं. दीन दयाल उपाध्याय मंडल में 278, धनबाद मंडल में 205, समस्तीपुर मंडल में 130 तथा सोनपुर मंडल में 117 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

पूर्व मध्य रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ट्रेनों की सुरक्षित एवं समयबद्ध संचालन व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। साथ ही यात्रियों से अपील की गई है कि वे रेल नियमों का पालन करें और अनावश्यक चेन पुलिंग या महिला कोच में यात्रा करने से बचें, ताकि सभी यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का लाभ मिल सके।