चंदौली में अपर मुख्य सचिव का दौरा, गौ संरक्षण केंद्रों की परखी व्यवस्था, दिए सख्त निर्देश
चंदौली : उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (पशुधन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य विभाग) मुकेश कुमार मेश्राम ने मंगलवार को पीडीडीयू नगर तहसील के ग्राम एकौनी में संचालित गौशाला व बायोगैस प्लांट का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने विकास खंड नियामताबाद के ग्राम पंचायत कठौरी स्थित वृहद गौ संरक्षण केंद्र का भी जायजा लिया। एकौनी में निरीक्षण के दौरान उन्होंने किसान चंद्र प्रकाश द्वारा संचालित गौशाला का अवलोकन किया, जहां करीब 200 गायों का पालन किया जा रहा है। उन्होंने दूध उत्पादन और विपणन की प्रक्रिया की जानकारी ली। गौशाला परिसर में स्थापित बायोगैस प्लांट से 120 घरों तक पाइपलाइन के जरिए गैस आपूर्ति की व्यवस्था को देखकर अपर मुख्य सचिव ने प्रसन्नता जताई। उन्होंने इस मॉडल को बड़े स्तर पर विकसित करने, अधिक लोगों को जोड़ने और उन्हें प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया।
युवा उद्यमी ने बताया कि इस व्यवस्था के जरिए ग्रामीणों को लगभग 500 रुपये प्रति माह में गैस उपलब्ध हो रही है, जो एलपीजी सिलेंडर की तुलना में लगभग आधी लागत है। इस पर अपर मुख्य सचिव ने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक प्रभावी और प्रेरणादायक पहल बताया।
इसके पश्चात कठौरी स्थित गौ संरक्षण केंद्र के निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौशालाओं के बेहतर प्रबंधन को लेकर कई आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संरक्षित गौवंश का जियो टैगिंग कराया जाए तथा छुट्टा पशुओं को पकड़कर उन्हें भी गौशाला में संरक्षित किया जाए। साथ ही, प्रत्येक गौशाला में भूसा, हरा चारा, चोकर आदि की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गर्मी के मौसम को देखते हुए उन्होंने पशुओं के लिए पर्याप्त पेयजल व्यवस्था, लू से बचाव और छायादार स्थान की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। बीमार एवं कमजोर पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार के लिए समय-समय पर चिकित्सा शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी गौ आश्रय स्थलों पर पशु आहार, जियो टैगिंग, मूवमेंट रजिस्टर और टीकाकरण से संबंधित अभिलेखों का समुचित रखरखाव किया जाए। गोचर भूमि पर हरे चारे की व्यवस्था एवं छायादार वृक्षारोपण को भी प्राथमिकता देने को कहा।
अपर मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग को निर्देशित किया कि गौ आश्रय स्थलों के नियमित निरीक्षण के लिए रोस्टर तैयार कर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर उसे तत्काल दूर किया जा सके।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गौ संरक्षण को लेकर अत्यंत संवेदनशील हैं, ऐसे में सभी अधिकारी पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी पीडीडीयू नगर, पशु चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं ग्राम प्रधान सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


















