मां काली के जयकारों से गूंजा मथेला गांव, रामनवमी पर दो दिवसीय भव्य आयोजन का शुभारंभ, दूर-दराज से उमड़े श्रद्धालु
चंदौली : जनपद के चहनियां क्षेत्र अंतर्गत मथेला गांव स्थित प्राचीन मां काली मंदिर परिसर में शुक्रवार की शाम भक्ति, आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। रामनवमी के पावन अवसर पर आयोजित दो दिवसीय भव्य धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पूजन-अर्चन, हवन और मां काली के भव्य श्रृंगारोत्सव के साथ हुआ। जैसे ही मां काली का अलौकिक श्रृंगार हुआ, पूरा मंदिर परिसर “जय मां काली” के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
सदियों पुरानी परंपरा का हो रहा निर्वहन
मथेला गांव में रामनवमी के अवसर पर दो दिवसीय पूजन-अर्चन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन वर्षों से होता आ रहा है। ग्रामीणों की गहरी आस्था है कि मां काली को घुंघरुओं की खनक और तबले की थाप अत्यंत प्रिय है। इसी मान्यता के अनुसार हर वर्ष मां के समक्ष नर्तकियों द्वारा विशेष नृत्य प्रस्तुत किया जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस परंपरा का पालन न किया जाए तो गांव में विपत्ति आ सकती है। यही कारण है कि पीढ़ी दर पीढ़ी यह परंपरा पूरे श्रद्धा और विधि-विधान के साथ निभाई जा रही है।
नृत्य और भक्ति से सराबोर रहा माहौल
शाम होते ही मां काली के दरबार में सजी भव्य आरती और श्रृंगार के बाद नर्तकियों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। घुंघरुओं की मधुर ध्वनि और तबले की थाप ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर मां की आराधना में लीन नजर आए।
कुश्ती प्रतियोगिता बनी आकर्षण का केंद्र
धार्मिक आयोजन के साथ-साथ कुश्ती प्रतियोगिता ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इस प्रतियोगिता में दूर-दराज क्षेत्रों से आए पहलवानों ने अपने दांव-पेंच का शानदार प्रदर्शन किया। एक से बढ़कर एक मुकाबलों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया और लोगों ने तालियों से पहलवानों का उत्साहवर्धन किया।
विधायक ने आयोजन को सराहा
कार्यक्रम के समापन पर आरती के पश्चात क्षेत्रीय विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारी संस्कृति और परंपरा की जीवंत मिसाल है। बचपन में जैसे आयोजन होते थे, आज भी उसी श्रद्धा और भव्यता के साथ हो रहे हैं, जो अत्यंत सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि मां काली की महिमा अपरंपार है और यहां सच्चे मन से आने वाले हर भक्त की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर अध्यक्ष राजेश चौरसिया, दीपक चौरसिया, निखिल त्रिपाठी, बिरंजय मौर्य, पप्पू पासवान, जयश्याम त्रिपाठी, संतोष पाण्डेय, अजित, कृपाचार्य त्रिपाठी, हरिहर त्रिपाठी, ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, सोनू पाण्डेय सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
मथेला गांव का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह गांव की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण भी है। रामनवमी के इस पावन पर्व पर यहां का माहौल हर किसी को भक्ति में सराबोर कर देता है।


















