आस्था और सेवा का अनूठा संगम, 21वीं निःशुल्क अयोध्या यात्रा पर रवाना हुए 25 श्रद्धालु, डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल की प्रेरणादायक पहल, जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा गायत्री चेतना केंद्र

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आस्था और सेवा का अनूठा संगम, 21वीं निःशुल्क अयोध्या यात्रा पर रवाना हुए 25 श्रद्धालु, डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल की प्रेरणादायक पहल, जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा गायत्री चेतना केंद्र

चंदौली : आस्था जब निस्वार्थ सेवा का रूप ले लेती है, तो वह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रह जाती, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाती है। इसी सेवा भावना को साकार करते हुए डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल एवं हॉस्टल, बिशुनपुरा-कांटा, चंदौली की ओर से आयोजित 21वीं निःशुल्क अयोध्या धाम दर्शन यात्रा के तहत शनिवार को गायत्री चेतना केंद्र, सकलडीहा से 25 श्रद्धालुओं का जत्था प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या के लिए रवाना हुआ।

श्रद्धालुओं से भरी वातानुकूलित बस को विद्यालय के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक तथा वित्तीय विशेषज्ञ डॉ. विनय प्रकाश तिवारी और अजीत पाठक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जैसे ही यात्रा दल अयोध्या के लिए निकला, पूरा परिसर “जय श्रीराम” के गगनभेदी उद्घोष से गूंज उठा। पुष्पवर्षा और श्रद्धालुओं के उत्साह ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।

एक संकल्प, जो 21 यात्राओं तक पहुंचा

डॉ. विनय प्रकाश तिवारी द्वारा शुरू किया गया यह सेवा अभियान अब एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुका है। इस अभियान के तहत प्रत्येक माह श्रद्धालुओं को वातानुकूलित बस से निःशुल्क अयोध्या धाम दर्शन कराया जाता है। लगातार 21वीं यात्रा का आयोजन इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प और सेवा की सच्ची भावना से समाज में सकारात्मक बदलाव की एक मजबूत धारा तैयार की जा सकती है।

इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य उन लोगों को तीर्थदर्शन का अवसर उपलब्ध कराना है, जिनके लिए आर्थिक या अन्य परिस्थितियों के कारण अयोध्या जैसी धार्मिक यात्रा करना आसान नहीं होता। ऐसे श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा केवल एक सफर नहीं, बल्कि वर्षों से संजोए गए धार्मिक सपने को साकार करने जैसा अनुभव है।

गायत्री परिवार के आग्रह से मिला विशेष स्वरूप

बताया गया कि गायत्री चेतना केंद्र के परिजनों और श्रद्धालुओं के आग्रह के बाद इस विशेष यात्रा को नया स्वरूप दिया गया। सेवा, श्रद्धा और सामाजिक सरोकार के इस अभियान में बड़ी संख्या में लोगों का सहयोग और उत्साह देखने को मिल रहा है।

श्रद्धालुओं ने यात्रा शुरू होने से पहले आयोजकों के प्रति आभार जताया और कहा कि निःशुल्क अयोध्या दर्शन की यह पहल समाज के लिए अनुकरणीय है। उनके चेहरों पर प्रभु श्रीराम के दर्शन की खुशी साफ दिखाई दे रही थी।

आस्था, सेवा और सामाजिक संवेदनशीलता का यह अनूठा संगम आज सकलडीहा से अयोध्या की ओर तो रवाना हुआ, लेकिन अपने पीछे समाज को यह संदेश भी दे गया कि जब किसी नेक संकल्प के साथ सेवा की भावना जुड़ती है, तो वह हजारों लोगों के जीवन में उम्मीद और खुशी की रोशनी भर सकती है।