नकबजनी पर लगाम लगाने में नाकाम पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, चंदौली में तीन दरोगा निलंबित

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नकबजनी पर लगाम लगाने में नाकाम पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, चंदौली में तीन दरोगा निलंबित

चंदौली : जिले में लगातार हो रही चोरी और नकबजनी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश न लगा पाने तथा दर्ज मामलों का खुलासा करने में लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने सख्त रुख अपनाया है। एसपी ने कर्तव्यों के प्रति उदासीनता और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना के आरोप में तीन उपनिरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें दो दरोगाओं को निलंबित किया गया है, जबकि तीसरे के खिलाफ विभागीय जांच की संस्तुति की गई है। पुलिस अधीक्षक के इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, थाना सकलडीहा में तैनात उपनिरीक्षक दिनेश राम के खिलाफ दो नकबजनी के मामलों की विवेचना में गंभीर लापरवाही सामने आई। आरोप है कि उन्होंने घटनाओं का खुलासा किए बिना और चोरी का सामान व आरोपितों की बरामदगी किए बिना ही अंतिम रिपोर्ट प्रेषित कर दी। क्षेत्राधिकारी सकलडीहा की ओर से कई बार लिखित और मौखिक निर्देश दिए जाने के बावजूद कोई सार्थक प्रयास नहीं किया गया। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए 29 अक्टूबर की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

इसी क्रम में मुगलसराय थाने में तैनात उपनिरीक्षक रामकेर यादव पर अपने बीट क्षेत्र में अपराधों पर नियंत्रण न रखने, चोरी और नकबजनी के मामलों की विवेचना तथा माल बरामदगी में रुचि नहीं लेने और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगा। क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर की 30 अक्टूबर की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें भी निलंबित कर दिया गया।

वहीं, थाना चंदौली के हल्का एवं बीट संख्या-01 में तैनात उपनिरीक्षक केशव प्रसाद सिंह के खिलाफ भी क्षेत्र में लगातार हो रही नकबजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में विफल रहने के आरोप में कार्रवाई की गई है। क्षेत्राधिकारी सदर की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी केवल मुकदमा दर्ज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और घटनाओं का समयबद्ध खुलासा करना भी उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। कर्तव्यों के प्रति लापरवाही, ढिलाई और अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी।