फाइवजी के नाम पर ठगी? नेटवर्क ठप होने से भड़के उपभोक्ता, जिओ टावर पर जोरदार प्रदर्शन
चंदौली : जिले के चहनियां क्षेत्र में दूरसंचार सेवाओं की बदहाली अब बर्दाश्त के बाहर हो चुकी है। लंबे समय से खराब नेटवर्क, कॉल ड्रॉप और धीमी इंटरनेट स्पीड से परेशान उपभोक्ताओं का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। शनिवार को रामगढ़ स्थित जिओ टावर के पास सैकड़ों ग्रामीणों ने एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया और कंपनियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फाइवजी (5G) सेवा के नाम पर उनसे महंगे रिचार्ज कराए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर नेटवर्क की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि कई बार तो मोबाइल में नेटवर्क पूरी तरह गायब हो जाता है, जिससे जरूरी कॉल तक नहीं हो पाती। इंटरनेट सेवा इतनी धीमी है कि ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल पेमेंट और अन्य जरूरी काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले सरकारी कंपनी बीएसएनएल के कमजोर नेटवर्क के कारण वे निजी कंपनियों की ओर शिफ्ट हुए थे, लेकिन अब निजी कंपनियां भी भरोसे पर खरी नहीं उतर रही हैं। खासकर रिलायंस जिओ के नेटवर्क को लेकर क्षेत्र में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है।
रामगढ़, रईया, मारूफपुर, मजीदहा, चहनियां, मोहरगंज, बैराठ, सड़ान, नैढ़ी और निधौरा सहित दर्जनों गांवों के हजारों उपभोक्ता इस समस्या से जूझ रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी कि अगर जल्द ही नेटवर्क व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे।
धरना-प्रदर्शन में शामिल सुभाष सिंह, अरुण यादव, जय प्रकाश गुप्ता, ऋषिकेश यादव, राजेश सिंह और अन्य उपभोक्ताओं ने कहा कि कंपनियां सिर्फ मुनाफा कमाने में लगी हैं, जबकि उपभोक्ताओं को बुनियादी सेवा तक नहीं मिल पा रही है।नउन्होंने यह भी कहा कि बार-बार रिचार्ज कराने के बावजूद सेवा नहीं मिलने पर अब वे उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराएंगे और अपने पैसे की वापसी की मांग करेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि नेटवर्क की समस्या के कारण आपातकालीन स्थितियों में भी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यह केवल सुविधा का नहीं, बल्कि सुरक्षा का भी मुद्दा बनता जा रहा है।
अब देखना होगा कि कंपनियां इस बढ़ते आक्रोश को कितनी गंभीरता से लेती हैं और कब तक क्षेत्र के लोगों को बेहतर नेटवर्क सुविधा मिल पाती है। फिलहाल, चहनियां क्षेत्र के लोगों का सब्र जवाब दे चुका है और वे अपने हक की लड़ाई के लिए एकजुट नजर आ रहे हैं।


















