बाढ़ राहत में जुटी योगी सरकार, प्रभारी मंत्री संजीव गोंड़ ने किया राहत सामग्री का वितरण, पीड़ितों को दिलाया भरोसा

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बाढ़ राहत में जुटी योगी सरकार, प्रभारी मंत्री संजीव गोंड़ ने किया राहत सामग्री का वितरण, पीड़ितों को दिलाया भरोसा

चंदौली : गंगा में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार हर स्तर पर सक्रिय है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जनसहायता अभियान के तहत मंगलवार को चहनियां क्षेत्र के मारूफपुर स्थित मॉडल बाढ़ चौकी पर विशेष राहत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री संजीव गोंड़ ने 125 लाभार्थियों को राशन किट वितरित करते हुए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मंत्री ने कहा कि योगी सरकार बाढ़ पीड़ितों को हर संभव सहायता देने के लिए संकल्पित है। फसल क्षति का मुआवजा भी जल्द दिया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट लेखपाल व तहसीलदार स्तर पर तैयार की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि राहत किट के साथ-साथ पशुओं के लिए भूसा और छोटे बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था भी की गई है।

राहत किट में था जीवनोपयोगी सामान

125 लाभार्थियों को 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, 2 किलो दाल, 2 किलो चना, 1 लीटर तेल, मसाले, 5 किलो प्याज, 5 किलो लाई, 2 किलो गुड़, लहसुन, नमक, साबुन, माचिस, तौलिया आदि राहत किट वितरित की गई।

निरीक्षण और निर्देश

प्रभारी मंत्री के साथ भाजपा नेता सूर्यमुनी तिवारी, जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, एसपी आदित्य लांग्हे, एसडीएम कुंदन राज कपूर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग द्वारा लगाए गए कैम्पों का निरीक्षण किया और संबंधित कर्मियों को पूरी निष्ठा से बाढ़ पीड़ितों की सेवा में जुटे रहने का निर्देश दिया।

गंगा कटान का लिया जायज़ा

राशन वितरण के बाद मंत्री संजीव गोंड़ ने हसनपुर तीरगांवा में गंगा द्वारा हो रहे कटान का जायज़ा लिया। जिलाधिकारी ने उन्हें अवगत कराया कि गंगा कटान को रोकने के लिए कार्य योजना प्रस्तावित की जा चुकी है। भाजपा नेताओं द्वारा जब नादी, बोझवा, मुकुंदपुर, सैफपुर में बाढ़ की गंभीर स्थिति की जानकारी दी गई, तो मंत्री का काफिला नादी की ओर रवाना हुआ। हालांकि पानी के अत्यधिक भराव के चलते आगे जाना संभव नहीं हो सका।

बिजली विभाग की लापरवाही उजागर

एडीएम रतनलाल वर्मा द्वारा बिजली व्यवस्था के लिए दिए गए निर्देशों के बावजूद विद्युत विभाग ने राहत शिविरों में प्रकाश की व्यवस्था नहीं की। इससे बाढ़ पीड़ितों को बारिश और अंधेरे में रहना पड़ रहा है, जिससे प्रशासनिक तैयारियों की पोल खुलती दिख रही है।

जनता की पीड़ा तक पहुँचा प्रशासन, पर लापरवाहियाँ बनी चुनौती

एक ओर जहां राज्य सरकार और प्रशासन राहत कार्यों में सक्रियता दिखा रहा है, वहीं दूसरी ओर बिजली व्यवस्था जैसे मुद्दों पर लापरवाहियाँ भी उजागर हो रही हैं। ऐसे में आवश्यकता है कि राहत कार्यों को ज़मीनी स्तर पर और प्रभावी बनाया जाए, ताकि कोई भी बाढ़ पीड़ित उपेक्षित न रहे।