बाढ़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन अलर्ट, अपर जिलाधिकारी रतन वर्मा ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
चंदौली : जनपद में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग के निर्देशन में कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी रतन वर्मा की अध्यक्षता में बाढ़ क्षेत्रों के अनुश्रवण एवं राहत-बचाव तैयारियों को लेकर बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों से बाढ़ से पूर्व की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी रतन वर्मा ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ से संबंधित सभी विभाग समय रहते अपनी तैयारियां पूरी कर लें। उन्होंने कहा कि बाढ़ के समय किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने बाढ़ चौकियों के लिए चिन्हित स्थलों की तैयारी, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और राहत कार्यों की पूर्व व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ के दौरान विस्थापित परिवारों को जिन विद्यालयों में ठहराया जाएगा, वहां पहले से साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, बिजली, शौचालय एवं भवन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को समय से भूसे का टेंडर कराने तथा पशुओं के विस्थापन के लिए सुरक्षित स्थलों का चयन करने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर मौसम जनित बीमारियों से संबंधित दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता रहे। साथ ही एंटी वैनम वैक्सीन एवं विषैले जीव-जंतुओं से बचाव की दवाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में टीकाकरण, दवा छिड़काव एवं स्वास्थ्य सेवाओं को सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए।
विद्युत विभाग को आंधी-तूफान के दौरान गिरने या टूटने वाले जर्जर पोलों और तारों की समय रहते पहचान कर उन्हें बदलने के निर्देश दिए गए। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ के दौरान कहीं भी बिजली संबंधी समस्या उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने नाव एवं गोताखोरों की सूची तैयार करने, नावों की गुणवत्ता जांचने तथा उनकी क्षमता निर्धारित करने के निर्देश भी दिए। नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को नालियों की सफाई, जलभराव रोकने, झाड़ियों की कटाई, फॉगिंग एवं एंटी लार्वा दवाओं के नियमित छिड़काव के निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ समाप्त होने के बाद बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। वहीं अधिशासी अभियंता चंद्रप्रभा को निर्देशित किया गया कि बांधों एवं नहरों से छोड़े जाने वाले पानी का सही आकलन एवं सूचना समय से उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वाई. के. राय सहित बाढ़ प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


















