चंदौली में बाढ़ का कहर जारी, गंगा के घटते जलस्तर के बावजूद ग्रामीणों की दुश्वारियां कायम, प्रशासन सतर्क

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चंदौली में बाढ़ का कहर जारी, गंगा के घटते जलस्तर के बावजूद ग्रामीणों की दुश्वारियां कायम, प्रशासन सतर्क

चंदौली : जिले में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। गंगा नदी के जलस्तर में बुधवार सुबह छह बजे से धीमी गति से घटाव शुरू हो गया है, लेकिन इससे आम जनजीवन में राहत मिलती फिलहाल नजर नहीं आ रही है। निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बरकरार हैं और कई गांव अब भी चारों ओर से पानी से घिरे हुए हैं। गांवों की गलियों से लेकर घरों के आंगन तक पानी भरा हुआ है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई संपर्क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हैं, जिसके कारण गांवों का जिला मुख्यालय और अन्य स्थानों से संपर्क कट गया है। यह स्थिति न केवल मानव जीवन बल्कि पशुधन के लिए भी संकटपूर्ण बन गई है। बाढ़ के पानी में चारा डूब जाने से पशुपालकों को अपने मवेशियों के लिए चारे की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

धीरे घट रहा जलस्तर, गुरुवार शाम तक राहत की उम्मीद

गंगा के जलस्तर में दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से घटाव दर्ज किया जा रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि यदि यही रफ्तार बनी रही, तो गुरुवार शाम तक कुछ इलाकों में स्थिति में सुधार आ सकता है। हालांकि अभी भी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है क्योंकि पानी का बहाव कम होने के बावजूद उसके असर वाले क्षेत्र काफी व्यापक हैं।

प्रशासन अलर्ट मोड में, राहत व बचाव कार्य तेज

बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। एसडीएम कुंदन राज कपूर के नेतृत्व में तहसील और जिला प्रशासन की टीमें लगातार क्षेत्रीय भ्रमण कर रही हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। गांव-गांव में जाकर लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को सतर्क किया जा रहा है, साथ ही जरूरतमंदों को तत्काल राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।

बाढ़ से जूझ रहे गांवों के लिए सहारा बनी नावें

प्रशासन द्वारा 15 बाढ़ प्रभावित गांवों में 30 नावें उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने में सहूलियत हो। जिनमें कैली 1 नाव, बलुआ 2 नाव, पकड़ी 1 नाव, कोहरा 1 नाव, चकरा 1 नाव, पूरा विजयी 1 नाव, प्रहलादपुर 1 नाव, प्रसहटा 3 नाव, दिया 4 नाव, गद्दोचक 2 नाव, सैफपुर 3 नाव, नादी निधौरा 4 नाव, शैरपुर सरैया 3 नाव, महड़ौरा 1 नाव और नगवा में 1 नाव का संचालन गांवों में किया जा रहा है। इन नावों के जरिए बाढ़ से घिरे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है और राहत चौकियों तक लाने में मदद की जा रही है।

82 गांवों में बाढ़ का प्रभाव, 250 राहत किट वितरित

सकलडीहा तहसील क्षेत्र के कुल 82 गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जिनमें कई गांवों की आबादी भी प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित है। हसनपुर, बलुआ, प्रसहटा, नरौली और गद्दोचक जैसे गांवों में लोगों के घरों तक पानी घुस चुका है। इन गांवों में प्रशासन ने प्राथमिकता के आधार पर राहत पहुंचाने का काम शुरू किया है।

अब तक प्रशासन द्वारा 250 बाढ़ राहत किट वितरित की जा चुकी हैं, जिनमें खाद्यान्न, पीने का पानी, मवेशियों के लिए चारा और आवश्यक दवाइयां शामिल हैं।

एसडीएम की अपील, चौकियों पर पहुंचे, लाभ लें

एसडीएम कुंदन राज कपूर ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा स्थापित बाढ़ चौकियों पर पहुंचें और वहां उपलब्ध खाद्य सामग्री एवं पशुओं के चारे का लाभ उठाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन हर स्तर पर आपकी सुरक्षा और सहायता के लिए तैयार है।

“हर गांव में नावों की व्यवस्था की गई है। कोई भी व्यक्ति मुसीबत में अकेला नहीं है। प्रशासन हर संभव मदद कर रहा है और हर जरूरतमंद तक सहायता पहुंचाई जा रही है,” — एसडीएम कुंदन राज कपूर

नोट – बाढ़ की स्थिति लगातार बदल रही है। ऐसे में प्रशासन और मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से बचें। सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन से संपर्क करें।