हड़ौरा रेगुलेटर पुल की जर्जर हालत पर किसानों का प्रदर्शन, प्रशासन हरकत में आया
चंदौली : शहाबगंज ब्लॉक क्षेत्र के सिंचाई और आवागमन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हड़ौरा रेगुलेटर पुल के क्षतिग्रस्त होने के मामले में किसान विकास मंच के आंदोलन का असर तत्काल देखने को मिला। किसानों द्वारा संभावित बड़ी दुर्घटना की आशंका जताते हुए किए गए प्रदर्शन के बाद संबंधित विभागों ने सक्रियता दिखाते हुए सुरक्षा और निर्माण कार्य शुरू करा दिया। इस दौरान किसान नेता राम अनंत पांडेय ने अधिकारियों से पुल की चौड़ाई बढ़ाने की मांग भी उठाई, ताकि भविष्य में आवागमन और अधिक सुगम हो सके।
शुक्रवार सुबह करीब दस बजे किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने पुल की जर्जर स्थिति को लेकर प्रदर्शन किया और बंधी डिवीजन तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की। किसानों का कहना था कि पुल की हालत अत्यंत खराब हो चुकी है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
किसानों के प्रदर्शन के कुछ ही घंटों बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कृष्ण कुमार और सहायक अभियंता पंकज खेमका मौके पर पहुंचे। विभाग द्वारा तत्काल चेतावनी बोर्ड लगवाया गया, जिस पर लिखा गया कि “पुल क्षतिग्रस्त है, भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है।”
वहीं बंधी डिवीजन के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र, सहायक अभियंता मनोज सिंह और अवर अभियंता अजेश्वर सिंह ने भी तत्परता दिखाते हुए क्षतिग्रस्त स्लैब को तोड़वाकर नए पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू करा दी। विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की रूपरेखा तैयार की।
किसान विकास मंच के मंत्री राम अनंत पांडेय ने कई बार स्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर पुल और आसपास चल रहे सफाई कार्यों का जायजा लिया। कार्यकर्ताओं ने खिलची और खखड़ा ड्रेन की सफाई व्यवस्था का भी निरीक्षण किया।
बंधी डिवीजन द्वारा हड़ौरा रेगुलेटर पुल के पुनर्निर्माण और खखड़ा-खिलची ड्रेन की जेसीबी मशीनों से दिन-रात कराई जा रही सफाई को लेकर किसान नेताओं ने संतोष जताया। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने अभियंता अजेश्वर सिंह सहित समस्त विभागीय स्टाफ की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा उसी दिन इंडिकेटर बोर्ड लगाए जाने पर भी आभार व्यक्त किया।
इसके अलावा राम अनंत पांडेय ने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग को वीडियो क्लिप भेजकर किसानों को गैलन में डीजल लेने पर लगाए जा रहे प्रतिबंध को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कई किसान डीजल पंप से सिंचाई करते हैं और हर बार ट्रैक्टर लेकर पेट्रोल पंप जाना उनके लिए समय और खर्च दोनों की बर्बादी है। इसलिए किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस तरह के प्रतिबंध समाप्त किए जाने चाहिए।
धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम में राम अनंत पांडेय, राम अवध सिंह, राजीव सिंह, अमित यादव, इंद्रदेव यादव, प्रेम नाथ सिंह और दूधनाथ समेत कई किसान कार्यकर्ता मौजूद रहे।


















