एक सितंबर से शुरू होगा अघोर परंपरा का विश्वविख्यात तीन दिवसीय बाबा कीनाराम का जन्मोत्सव, होंगे विविध कार्यक्रम, पढ़े खबर..

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एक सितंबर से शुरू होगा अघोर परंपरा का विश्वविख्यात तीन दिवसीय बाबा कीनाराम का जन्मोत्सव, होंगे विविध कार्यक्रम

चंदौली : अघोराचार्य बाबा कीनाराम के जन्मोत्सव को लेकर के तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. वही आज कार्यक्रम संयोजक अजीत सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्यक्रम की जानकारी दी. बताया कि बाबा कीनाराम जन्मोत्सव में चंदौली उत्तर प्रदेश सहित देश के कोने-कोने से वीआईपी, वीवीआईपी सहित तमाम श्रद्धालु आएंगे. जिसको लेकर तैयारियां पूर्ण कर ली गई है. वही तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर जानकारी दी. इस दौरान उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निमंत्रण दिया गया है. अभी संभावित कार्यक्रम तय नहीं हुआ है.

अध्यात्म और धर्म से जुड़े उत्सव/पर्व की बात की जाए तो इन सब का पौराणिक महत्व होता है. किसी भी धार्मिक आध्यात्मिक पर्व/उत्सव का खाका यूं ही नहीं खींच दिया जाता. आध्यात्मिक उत्सव के पीछे जनमानस की अपार श्रद्धा निष्ठा होती है. आस्था, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ उनका अगाध विश्वास छुपा होता है. ये धार्मिक आध्यात्मिक पर्व “सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामयाः” की भावना से शराबोर होते हैं. इसी कड़ी में एक पर्व होता है. “बाबा कीनाराम जन्मोत्सव समारोह” आध्यात्मिक जगत में इस पर्व का खास महत्व माना जाता है. अध्यात्म की सर्वोच्च और श्रेष्ठतम अवस्था और भगवान शिव से अविर्भावित अघोरी परंपरा के वर्तमान स्वरूप के अधिष्ठाता शिव रूप अघोराचार्य बाबा कीनाराम जी के जन्म के उपलक्ष्य में यह जन्मोत्सव समारोह बाबा कीनाराम जी के जन्म स्थान “बाबा कीनाराम मठ रामशाला रामगढ़ चंदौली” में हर साल श्रद्धा भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है.

बता दे कि चंदौली वासियों के साथ उत्तर प्रदेश और देश के लोगों के लिए ये गर्व का विषय है कि अघोर को पुनर्जागृत करने वाले शिव स्वरूप संत अघोराचार्य बाबा कीनाराम जी के जन्मोत्सव समारोह पर अध्यात्म की दुनिया से जुड़े दुनिया भर के लोगों की निगाहें होती हैं. यह जन्मोत्सव समारोह हमें भगवान शिव की शानदार विरासत पर इतराने और याद करने का भरपूर मौका मुहैया कराता है. यह पर्व राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाया रहता है.

कार्यक्रम संयोजक अजीत सिंह ने बताया कि एक सितंबर को सर्वप्रथम सूर्योदय के साथ कांवरियों द्वारा किनेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया जाएगा. बाबा कीनाराम के जन्मोत्सव के दौरान महिलाओं द्वारा सोहर गीत गाया जाएगा. प्रथम दिन सुबह 8:00 बजे से 11:00 बजे तक रामायण गान महानंद तिवारी, मुन्ना पाण्डेय व मधुसूदन मिश्रा द्वारा किया जाएगा. वहीं दोपहर 12:00 से शाम 6:00 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम और संगोष्ठी कार्यक्रम किया जाएगा. वही रात्रि 08:00 बजे से सुबह 03:30 बजे तक भोजपुरी कलाकार गोलू राजा, प्रीति सरगम सिंह, कविता यादव, अनन्या मिश्रा, पुनीत पागल, मासूम अली, प्रवीण कुमार, अमलेश शुक्ला, नूतन तिवारी, पूजा मोदनवाल द्वारा गायन किया जाएगा.

वही 2 सितम्बर को सुबह 08:00 बजे से 10:00 बजे तक रामायण गान व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. जिसमें मंगला पाठक व मटकू सिंह व साथी द्वारा किया जाएगा. 11:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम और संगोष्ठी किया जाएगा. वही रात्रि 08:00 बजे से सुबह 03:30 बजे तक कव्वाली का आयोजन होगा. जिसमें रौनक जहां और इस्तहाक भारती के बीच मुकाबला होगा.

कार्यक्रम के अंतिम दिन 3 सितम्बर को सुबह 08:00 बजे से 10:00 बजे तक रामायण गान व संगीत का आयोजन किया जाएगा. जिसमें मंगला पाठक व साथी एवं वैभव राम दास द्वारा प्रस्तुति की जाएगी. 11:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम व संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा. वही रात्रि 08:00 बजे से 09:00 बजे तक वाराणसी के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. रात्रि 09:00 बजे से सुबह 03:30 तक बिरहा का आयोजन किया गया है. जिसमें रबिना रविरंजन और सुधीर लाल यादव के बीच जोरदार मुकाबला होगा.

व्यवस्थापक अरुण सिंह, रामगढ़ मठ व्यवस्थापक, महिला संगठन अध्यक्ष रूबी सिंह, धनंजय सिंह, सूर्यनाथ सिंह, डॉ सरिता सिंह सहित आदि लोग उपस्थित रहे.