स्व-जनगणना के प्रति जागरूक हुए छात्र-छात्राएं, सावित्री बाई फुले पीजी कॉलेज में हुआ व्याख्यान
चंदौली : सावित्री बाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चकिया में मंगलवार को “स्व-जनगणना की प्रक्रिया एवं महत्व” विषय पर जागरूकता व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार सिंह एवं रेंजर्स प्रभारी डॉ. प्रियंका पटेल के कुशल मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ, जिसमें छात्र-छात्राओं को स्व-जनगणना के महत्व और उसकी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर पवन कुमार सिंह ने कहा कि जनगणना किसी भी देश की जनसंख्या से संबंधित आंकड़ों को एकत्र करने की महत्वपूर्ण और व्यवस्थित प्रक्रिया है। इसके माध्यम से नागरिकों की संख्या, शिक्षा, रोजगार, आवास, भाषा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक स्थिति जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जाती हैं, जो सरकार की योजनाओं और नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने बताया कि डिजिटल युग में सरकार ने जनगणना प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से “स्व-जनगणना” की व्यवस्था विकसित की है। इसके तहत नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल एप के माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इससे नागरिकों की भागीदारी बढ़ती है और आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित होती है।
व्याख्यान के दौरान स्व-जनगणना की पूरी प्रक्रिया जैसे ऑनलाइन पंजीकरण, लॉगिन एवं पहचान सत्यापन, परिवार एवं आवास संबंधी विवरण दर्ज करना, जानकारी का सत्यापन तथा संदर्भ संख्या प्राप्त करने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्राप्त संदर्भ संख्या को सुरक्षित रखना आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं को स्व-जनगणना अभियान को सफल बनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प दिलाया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. सरवन कुमार यादव, डॉ. रमाकांत गौड़, संतोष कुमार, डॉ. अमिता सिंह, डॉ. संतोष कुमार यादव, डॉ. रोहित कुमार, समरजीत, राकेश, देवेन्द्र बहादुर सिंह सहित अन्य शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


















