आरपीएफ जवान बना देवदूत, महिला यात्री को मौत के मुंह से बचाया
चंदौली : रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का एक जवान एक महिला यात्री के लिए उस समय देवदूत बन गया जब वह प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच फंसकर घसीटने लगी। यह घटना पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 6 पर घटी, जब जोगबनी-आनंद विहार एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 12487) प्लेटफॉर्म से प्रस्थान कर रही थी।
कैसे हुआ हादसा
अकबरपुर, उत्तर प्रदेश निवासी 40 वर्षीय महिला यात्री निर्मला देवी ट्रेन में सवार होने का प्रयास कर रही थीं। चढ़ने के दौरान संतुलन बिगड़ने से वह फिसल गईं और ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच की खाली जगह में गिर पड़ीं। ट्रेन के चलते रहने के कारण वह घसीटाई जाने लगीं और उनकी जान पर बन आई।
आरपीएफ जवान ने दिखाई फुर्ती
घटना के समय मौके पर तैनात आरपीएफ जवान शिव कुमार शर्मा ने तत्काल स्थिति को भांपते हुए चीते जैसी फुर्ती दिखाई। उन्होंने दौड़कर निर्मला देवी को पकड़ लिया और उन्हें ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच के गैप से सुरक्षित बाहर खींच लिया। जवान की त्वरित कार्रवाई के कारण महिला की जान बच गई और वह किसी गंभीर चोट से बच गईं।
यात्री सुरक्षित, परिवार ने जताया आभार
इस साहसिक और मानवीय कार्य के बाद महिला यात्री को कोई गंभीर चोट नहीं आई। उन्हें मानसिक रूप से संभालने के बाद दूसरे ट्रेन में बैठाकर उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। निर्मला देवी और उनके परिवार ने आरपीएफ जवान शिव कुमार शर्मा की इस बहादुरी और त्वरित निर्णय क्षमता की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
आरपीएफ का सराहनीय कार्य
आरपीएफ का यह कार्य यह दर्शाता है कि वे केवल रेलवे की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि यात्रियों की रक्षा के लिए भी तत्पर रहते हैं। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सतर्कता और त्वरित निर्णय से किसी की जान बचाई जा सकती है। रेलवे प्रशासन और स्थानीय लोगों ने भी जवान के इस कार्य की सराहना की।
इस घटना से सीख मिलती है कि यात्रा के दौरान हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए और जल्दबाजी में ट्रेन में चढ़ने या उतरने से बचना चाहिए। रेलवे सुरक्षा बल के जवानों की तत्परता यात्रियों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करती है।


















