बाणगंगा पुल का चौड़ीकरण व ऊंचाई बढ़ाने की मांग पर किसानों का फूटा गुस्सा, दो घंटे जाम
चंदौली : उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत अघोराचार्य बाबा कीनाराम की जन्मस्थली रामगढ़ एवं बाबा कीनाराम मठ को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए गुरेरा से नादी निधौरा तक सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य कराया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत मार्ग में पड़ने वाली पुलियों और बाणगंगा ड्रेन पर बने पुल के चौड़ीकरण का भी प्रस्ताव है। लेकिन बाणगंगा पुल की चौड़ाई और ऊंचाई बढ़ाए बिना निर्माण कार्य शुरू किए जाने के विरोध में गुरुवार को किसानों का आक्रोश फूट पड़ा।
सुभाष सिंह ‘फौजी’ एवं गोपाल पाण्डेय के नेतृत्व में सैकड़ों किसान और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा निर्माण कार्य रुकवा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने गुरेरा–रामगढ़ मार्ग पर करीब दो घंटे तक चक्काजाम कर जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और निर्माण एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध के चलते मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतार लग गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बाणगंगा ड्रेन पर बना पुल वर्षों से संकरा और नीचा है। बरसात के दौरान जलनिकासी बाधित होने से रामगढ़, रइया, बैराठ, बरिया, महमदपुर, कूरा सहित आसपास के कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे किसानों की हजारों बीघा फसल प्रभावित होती है और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि यदि सड़क चौड़ी कर दी गई और पुल को पुराने स्वरूप में ही छोड़ दिया गया तो भविष्य में समस्या और गंभीर हो जाएगी।
किसानों ने आरोप लगाया कि इस संबंध में कई बार जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की गई। विरोध बढ़ता देख ठेकेदार को जेसीबी मशीन वापस बुलानी पड़ी और निर्माण कार्य रोकना पड़ा। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक बाणगंगा पुल का वैज्ञानिक तरीके से चौड़ीकरण और ऊंचाई बढ़ाने का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक किसी भी कीमत पर निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
प्रदर्शन में अशोक पाण्डेय, पवन सिंह, सामवर पाठक, जय प्रकाश पाण्डेय, मनोज सिंह, बालेश्वर सिंह, विक्रमा मौर्य, मिंकू पाण्डेय सहित सैकड़ों किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।


















