सावन से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, फैक्ट्रियों व हाईवे ढाबों पर छापेमारी, खाद्य पदार्थों के कई नमूने लैब भेजे गए, सावन में नॉनवेज बिक्री पर सख्त रोक
चंदौली : आगामी सावन माह और कांवड़ यात्रा को देखते हुए जनपद में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरी और अस्वच्छ खाद्य पदार्थों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश तथा जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देश पर बुधवार को विभागीय टीम ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों और नेशनल हाईवे के होटल-ढाबों पर औचक छापेमारी कर खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए।
सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान गणेश कंज्यूमर प्रोडक्ट्स से सूजी, गेहूं का आटा, गेहूं का दलिया, बेसन, सत्तू और मैदा के नमूने लिए गए। वहीं बिंदु एग्रो इंडस्ट्रीज से मक्का की सूजी और मक्का के आटे के नमूने संकलित कर गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान नेशनल हाईवे पर संचालित होटल एवं ढाबों का भी गहन निरीक्षण किया गया। संचालकों को साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई कि सावन माह के दौरान किसी भी प्रकार के मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए होटल एवं ढाबों पर क्यूआर कोड युक्त फीडबैक एवं शिकायत स्टीकर भी लगाए हैं। ग्राहक इन स्टीकरों के माध्यम से सीधे विभाग को अपनी शिकायत अथवा संतुष्टि दर्ज करा सकेंगे। विभाग ने कहा कि मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ यह अभियान आगामी दिनों में भी लगातार जारी रहेगा।
छापेमारी एवं निरीक्षण अभियान में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमल निवास त्रिपाठी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरविंद कुमार तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी रणधीर सिंह यादव सहित विभागीय टीम मौजूद रही।


















