RBI की मौद्रिक नीति, दरें यथावत, आगे के फैसले डेटा और वैश्विक संकेतों पर निर्भर

    17

    RBI की मौद्रिक नीति, दरें यथावत, आगे के फैसले डेटा और वैश्विक संकेतों पर निर्भर

    UP TIMES18 NEWS : भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बुधवार को जारी हुई ताज़ा समीक्षा में दरों को यथावत बनाए रखा गया। रेपो रेट 5.50% पर स्थिर रही, साथ ही रिवर्स रेपो, स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF), मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) और बैंक रेट में भी कोई बदलाव नहीं किया गया।

    RBI के इस फैसले को न तो राहत माना जा सकता है और न ही किसी सख्ती का संकेत। दरअसल, यह एक संतुलित ‘पॉज़’ है – जिसमें नीति निर्माता मौजूदा आर्थिक हालात को देखने और समझने की स्थिति में हैं।

    गौरतलब है कि पिछले छह महीनों में RBI पहले ही कुल 100 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर चुका है। फरवरी और अप्रैल में 25-25 बेसिस प्वाइंट, जबकि जून में एक बार में 50 बेसिस प्वाइंट की बड़ी कटौती की गई थी। इन कटौतियों का असर धीरे-धीरे बाजार और उपभोक्ता व्यवहार में दिख रहा है।

    इस बीच, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित जून 2025 की मुद्रास्फीति दर 2.1% रही, जो कि पिछले कई वर्षों में सबसे कम मानी जा रही है। RBI का मुद्रास्फीति लक्ष्य 4% है, ऐसे में मौजूदा दर इससे काफी नीचे है। यह दर्शाता है कि मुद्रास्फीति फिलहाल नियंत्रण में है और तत्काल कोई बड़ा खतरा नहीं दिखता।

    हालांकि, दूसरी ओर अमेरिका द्वारा भारत पर 25% का नया टैरिफ लगाए जाने और वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता ने नीति निर्माताओं को सतर्क कर दिया है। ऐसे समय में किसी नई मौद्रिक पहल को लेकर RBI की ओर से जल्दबाज़ी दिखाना उचित नहीं होता।

    RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने प्रेस वार्ता में साफ कहा, “नीति का रुख तटस्थ है”, यानी अब ब्याज दरों में बदलाव केवल ठोस आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक परिप्रेक्ष्य के आधार पर ही किया जाएगा।

    इस निर्णय के प्रमुख प्रभाव

    ◆ उपभोक्ताओं की EMI में तत्काल कोई बदलाव नहीं होगा।

    ◆ बैंक निकट भविष्य में अपनी कर्ज दरों में कटौती नहीं करेंगे।

    ◆ बाज़ार अब त्योहारी मांग, आगामी मुद्रास्फीति रिपोर्ट और वैश्विक संकेतकों की ओर देखेगा।

    विशेषज्ञों के अनुसार, यह नीति ‘डेटा-संचालित दृष्टिकोण’ की ओर स्पष्ट इशारा करती है, जहां हर निर्णय तथ्यों और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता पर आधारित होगा।

    RBI की नीति पर डॉ. विनय तिवारी की प्रतिक्रिया

    इस संदर्भ में Daddy’s International School, चंदौली के संस्थापक डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने कहा, “RBI का यह रुख दूरदर्शिता भरा है। मुद्रास्फीति के कम आंकड़े राहतदेह हैं, लेकिन वैश्विक व्यापारिक परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहना ही समझदारी है। आने वाले दिनों में नीति की दिशा पूरी तरह डेटा और वैश्विक स्थिरता तय करेगी।”

    फिलहाल RBI ने गेंद अपने पाले में ही रखी है, लेकिन पूरे आर्थिक मैदान पर उसकी नज़र बनी हुई है। नीति का अगला कदम अब पूरी तरह आंकड़ों की चाल पर निर्भर करेगा।