विश्व पर्यावरण दिवस पर कलेक्ट्रेट परिसर में हुआ पौधरोपण, जनपद में लगाए जाएंगे 70 लाख पौधे

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विश्व पर्यावरण दिवस पर कलेक्ट्रेट परिसर में हुआ पौधरोपण, जनपद में लगाए जाएंगे 70 लाख पौधे

चंदौली : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह एवं पूर्व विधायक साधना सिंह ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी रल्लापल्ली जगत साई, प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) बी. शिवशंकर सहित वन विभाग के अधिकारियों, विभिन्न सर्किलों के रेंजरों एवं अन्य विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति रही। सभी ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस अवसर पर अधिकारियों ने बताया कि जनपद में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाएगा। अभियान के तहत जिले में 6.40 लाख पौधे लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह अभियान पिछले तीन वर्षों से लगातार संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से लोगों को अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

वन विभाग के अनुसार इस वर्ष पूरे जनपद में विभिन्न विभागों और संस्थाओं के सहयोग से करीब 70 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। पौधरोपण अभियान में फलदार, छायादार एवं औषधीय प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को प्रत्यक्ष लाभ भी मिल सके।

प्रभागीय वनाधिकारी बी. शिवशंकर ने बताया कि इस बार चंदौली जनपद को हीट वेव (लू) का संकेत मिला हुआ है। अत्यधिक तापमान के कारण कुछ स्थानों पर लगाए गए पौधों के सूखने की संभावना बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जहां भी पौधों की क्षति होगी, वहां तत्काल नए पौधे लगाए जाएंगे ताकि पौधरोपण लक्ष्य प्रभावित न हो।

उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। वन विभाग द्वारा पौधों की निगरानी की व्यवस्था की जा रही है, जिससे अधिकतम पौधे जीवित रह सकें और आने वाले वर्षों में जिले का हरित क्षेत्र बढ़ाया जा सके।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि वृक्ष ही पर्यावरण संतुलन, स्वच्छ वायु और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी धरोहर हैं।