रेलवे बोर्ड द्वारा उच्च स्तरीय बैठक आयोजित: आरआरबी करेगा रेलवे की सभी प्रमोशन परीक्षाओं का आयोजन
UP TIMES18 : रेलवे बोर्ड द्वारा एक उच्च स्तरीय बैठक बुधवार को आयोजित की गई, जिसमें रेलवे की विभागीय पदोन्नति परीक्षाओं के संचालन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में सभी विभागीय पदोन्नति परीक्षाएं भारतीय रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) द्वारा केंद्रीयकृत कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) के माध्यम से आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा, सभी क्षेत्रीय रेलवे के लिए एक परीक्षा कैलेंडर तैयार किया जाएगा, जिसके आधार पर सभी परीक्षाएं निर्धारित तिथियों पर आयोजित की जाएंगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) द्वारा हाल के वर्षों में आयोजित परीक्षाओं का रिकॉर्ड बहुत ही सकारात्मक रहा है। इन परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को सुनिश्चित किया गया है, और इसका अनुभव भी अत्यधिक प्रशंसा प्राप्त कर चुका है। आरआरबी ने 2015 से अब तक करीब 7 करोड़ से अधिक उम्मीदवारों की परीक्षा बिना किसी शिकायत और किसी प्रकार की गड़बड़ी के आयोजित की है। ये सभी परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) के माध्यम से आयोजित की गई हैं, जिसमें न तो पेपर लीक हुआ, न ही किसी प्रकार का नकल या अनधिकृत साधनों का इस्तेमाल किया गया।
आरआरबी द्वारा परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रियाएं और सावधानियां
आरआरबी द्वारा परीक्षा आयोजित करने के लिए एक पारदर्शी और प्रभावी प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसमें सबसे पहले परीक्षा आयोजित करने के लिए विभिन्न मापदंडों को पूरा करने वाली एजेंसी का चयन खुली निविदा के माध्यम से किया जाता है। इसके बाद रेलवे टीम द्वारा परीक्षा केंद्र का ऑडिट किया जाता है, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि केंद्र में 100% सीसीटीवी कवरेज हो, और परीक्षा केंद्र में किसी प्रकार का हस्तक्षेप न हो।
इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्रों में उम्मीदवारों की जाँच और तलाशी मेटल डिटेक्टर से की जाती है, और प्रत्येक बायो ब्रेक के बाद बायोमेट्रिक उपस्थिति (एलटीआई और डिजिटल दोनों) ली जाती है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि परीक्षा में कोई अनुचित साधन का उपयोग न हो और उम्मीदवार की पहचान सही तरीके से की जा सके।
परीक्षा केंद्रों में उम्मीदवारों को प्रश्न पत्र का वितरण और उत्तर कुंजी बहुत ही सुरक्षित तरीके से किया जाता है। प्रश्न पत्र अत्यधिक एन्क्रिप्टेड रूप में होता है और डिक्रिप्शन केवल उम्मीदवार के लॉग इन करने के बाद ही किया जाता है। साथ ही, हर उम्मीदवार को विभिन्न प्रश्नों के लिए विभिन्न क्रम और विकल्प मिलते हैं, जिससे नकल की संभावना बिल्कुल भी नहीं रहती।
कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) में पारदर्शिता और सुरक्षा
आरआरबी द्वारा आयोजित की जाने वाली कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) में उम्मीदवारों को उनके प्रश्न पत्र, उत्तर पुस्तिकाएं और सही उत्तर कुंजियाँ दिखाने का अवसर मिलता है। इसके साथ ही, अगर किसी उम्मीदवार को प्रश्नों या उत्तर कुंजी के बारे में आपत्ति होती है, तो वह उसे उठाने का अधिकार रखते हैं। इस तरह से, परीक्षा की शुद्धता और पारदर्शिता को बनाए रखा जाता है।
नकली आवेदनों का पता लगाने के उपाय
आरआरबी द्वारा उम्मीदवारों के आवेदन की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए गए हैं। आवेदन पर क्यूआर कोड और एडमिट कार्ड पर बारकोड होते हैं, जिनसे यह सुनिश्चित किया जाता है कि उम्मीदवार का आवेदन असली है। साथ ही, रेलवे की ओर से विभिन्न निरीक्षण टीमों द्वारा नियमित रूप से आकस्मिक निरीक्षण किए जाते हैं, जिससे किसी भी प्रकार के कदाचार या अनुचित साधनों का पता चल सके।
1.17 करोड़ रुपये नकद जब्त
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही सीबीआइ ने उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में पूर्व मध्य रेलवे के 26 रेलवे अधिकारियों को विभागीय परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया था और छापेमारी के दौरान 1.17 करोड़ रुपये नकद जब्त किए थे।
निष्कर्ष
इस उच्च स्तरीय बैठक में लिए गए निर्णयों से यह स्पष्ट है कि रेलवे भर्ती बोर्ड आगामी परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, विभिन्न प्रक्रियाओं और उपायों के माध्यम से नकल और अनुचित साधनों के उपयोग को पूरी तरह से रोका जाएगा। यह निर्णय रेलवे भर्ती परीक्षाओं को और भी अधिक विश्वसनीय और योग्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


















