स्व० भगवंती देवी के पुण्यतिथि पर भावुक श्रद्धांजलि

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स्व० भगवंती देवी के पुण्यतिथि पर भावुक श्रद्धांजलि, महिला शिक्षा और शसक्तीकरण पर जोर

चंदौली : जनपद के चहनियां स्थित मां खंडवारी महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को सेवढी ग्राम सभा की पूर्व प्रधान एवं महाविद्यालय की प्रबंधक रहीं स्व. भगवंती देवी की चौथी पुण्यतिथि समारोहपूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर पूरे परिसर में श्रद्धा, भावुकता और प्रेरणा का माहौल व्याप्त रहा। समारोह की शुरुआत संस्थान के संस्थापक प्रबंधक एवं वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा मां भगवंती देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। उन्होंने स्व. भगवंती देवी के शिक्षा, सेवा और समाजहित में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

कार्यक्रम में महाविद्यालय और इंटर कॉलेज की छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया। छात्राओं की भावनात्मक प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को भाव-विभोर कर दिया।

एक साधारण गृहणी से समाज की प्रथम शिक्षिका तक का सफर

डॉ. राजेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. भगवंती देवी एक सामान्य गृहणी होते हुए भी असाधारण सोच रखती थीं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को शिक्षित करने का सपना देखा और उसे साकार करने के लिए महिला महाविद्यालय की स्थापना करवाई। आज उनके उस एक निर्णय ने सैकड़ों बेटियों को शिक्षा की राह पर अग्रसर किया है। वे न सिर्फ एक मां थीं बल्कि समाज की प्रथम शिक्षिका थीं। उनसे मिली प्रेरणा आज भी हमारे कार्यों में झलकती है।

भगवंती देवी के योगदान का स्मरण

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा महिलाओं को 33% आरक्षण और “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियान चलाना एक सकारात्मक पहल है। हमारी बेटियां आज देश-विदेश में अपने हुनर का परचम लहरा रही हैं, जो किसी भी समाज के लिए गर्व की बात है। भगवंती देवी की सोच भी यही थी कि बेटियों को इतना सशक्त बनाया जाए कि वे किसी भी चुनौती का डटकर सामना कर सकें।

इस अवसर पर प्रबंध निदेशक डॉ. आशुतोष सिंह, निदेशक अवनीश सिंह, नशा निवारण केंद्र चहनियां के परियोजना निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह, डायट सारनाथ के प्रवक्ता अरविंद कुमार सिंह, सच्चिदानंद सिंह, डॉ. अश्विनी श्रीवास्तव, डॉ. नवनीत तिवारी, डॉ. अजय सिंह, अजीत सिंह, डॉ. राधाकांत पाठक, डॉ. विनोद श्रीवास्तव, सुनील सिंह, अवनीश गुप्ता, लवकुश पाण्डेय समेत कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

समारोह का समापन सभी अतिथियों और विद्यार्थियों द्वारा स्व. भगवंती देवी के दिखाए मार्ग पर चलने की प्रतिज्ञा के साथ हुआ। पूरा कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के महत्व की एक प्रेरणादायक मिसाल के रूप में यादगार बन गया।