ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से पहले गरमाया सियासी माहौल, क्षेत्र पंचायत सदस्य ने एसपी से सुरक्षा की लगाई गुहार

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ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से पहले गरमाया सियासी माहौल, क्षेत्र पंचायत सदस्य ने एसपी से सुरक्षा की लगाई गुहार

चंदौली : चहनियां विकास खंड में ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सियासी माहौल दिन पर दिन गरमाता जा रहा है। इसी क्रम में क्षेत्र पंचायत स्वाभिमान संघ की ब्लॉक अध्यक्ष सोनी सिंह ने पुलिस अधीक्षक और बलुआ थाने के प्रभारी को स्पीड पोस्ट के माध्यम से पत्र भेजकर क्षेत्र पंचायत सदस्यों की सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि जब से अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया प्रारंभ हुई है, तब से लगातार सदस्यों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

सोनी सिंह ने बताया कि कई सदस्य डरे हुए हैं और उन्हें अपने जान-माल की सुरक्षा को लेकर आशंका बनी हुई है। उनका कहना है कि ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी खतरे में देखकर उनके समर्थक बौखलाए हुए हैं और क्षेत्र पंचायत सदस्यों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

23 अप्रैल को होगी निर्णायक बैठक

हाईकोर्ट के आदेश के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 23 अप्रैल को सुबह 11 बजे खंड विकास कार्यालय के सभागार में बैठक निर्धारित की है। इस बैठक में कुल 105 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। सभी सदस्य ब्लॉक प्रमुख के पक्ष या विपक्ष में मतदान करेंगे, जो उनके भविष्य का फैसला करेगा।

ब्लॉक प्रमुख पर गंभीर आरोप

क्षेत्र पंचायत सदस्यों का आरोप है कि ब्लॉक प्रमुख विकास कार्यों के प्रति न केवल उदासीन हैं, बल्कि कार्यों के आवंटन और क्रियान्वयन में भारी मनमानी और पक्षपात कर रहे हैं। उनका कहना है कि पंचायत क्षेत्र में बिना उनकी सहमति और जानकारी के कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र का संतुलित विकास बाधित हो रहा है। इससे पंचायत प्रतिनिधियों में रोष व्याप्त है।

कार्रवाई की मांग से कोर्ट तक पहुंचा मामला

इससे पहले भी क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने जिलाधिकारी कार्यालय में हलफनामा देकर मामले की शिकायत की थी, लेकिन प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई न किए जाने पर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और अब पूरी प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने की कोशिश की जा रही है।

क्या बचेगी ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी?

अब सबकी नजरें 23 अप्रैल को होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि ब्लॉक प्रमुख अपनी कुर्सी बचा पाएंगे या नहीं। जिस तरह से आरोप-प्रत्यारोप और सुरक्षा की मांग उठ रही है, उससे यह स्पष्ट है कि यह बैठक केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक तौर पर भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाली है।

इस पूरे घटनाक्रम ने जिले की राजनीति को नई दिशा दे दी है और चहनियां ब्लॉक फिलहाल राजनीतिक हलचलों का केंद्र बना हुआ है।