आरपीएफ डीडीयू की बड़ी कार्रवाई, 6 मासूम बाल मजदूरों को तस्करी से बचाया, 1 तस्कर गिरफ्तार

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आरपीएफ डीडीयू की बड़ी कार्रवाई, 6 मासूम बाल मजदूरों को तस्करी से बचाया, 1 तस्कर गिरफ्तार

चंदौली : पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू) पर आरपीएफ की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 नाबालिग बच्चों को तस्करी से बचा लिया। इस दौरान एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में बचपन बचाओ आंदोलन की चंदा गुप्ता एवं चाइल्ड हेल्प डेस्क की टीम के साथ संयुक्त रूप से की गई।

पकड़ा गया संदिग्ध

जानकारी के मुताबिक, बुधवार को डीडीयू स्टेशन पर अभियान चलाया गया। इसी दौरान गाड़ी संख्या 12487 सीमांचल एक्सप्रेस (जोगबनी-आनंद विहार) के प्लेटफॉर्म संख्या 6 पर पहुंचने के बाद आरपीएफ टीम ने गाड़ी की चेकिंग शुरू की। चेकिंग के दौरान पीछे के जनरल कोच में 6 नाबालिग बच्चे डरे-सहमे हालात में बैठे मिले, जिनके साथ एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में मौजूद था।

पूछताछ के दौरान व्यक्ति की पहचान मोहम्मद मोसब्बिर आलम (उम्र 30 वर्ष) पुत्र मोहम्मद अनवर आलम, निवासी काककुर्वा बस्ती, थाना अररिया, जिला अररिया, बिहार के रूप में हुई। शुरुआती पूछताछ में मामला संदिग्ध लगने पर सभी बच्चों और आरोपी को गाड़ी से उतारकर डीडीयू आरपीएफ पोस्ट लाया गया।

नाबालिगों की तस्करी का पर्दाफाश

जांच में सामने आया कि मोसब्बिर आलम इन 6 नाबालिग बच्चों को अररिया (बिहार) से दिल्ली ले जा रहा था, जहां एक खिलौना बनाने वाली कंपनी में बच्चों से मजदूरी करवाई जानी थी। बच्चों के परिजनों से भी समन्वय स्थापित कर मामले की पूरी जांच की गई। बच्चों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें दिल्ली में 12 घंटे काम करने के बदले 7 से 8 हजार रुपये मासिक मजदूरी का वादा किया गया था। इसके अलावा ट्रेन का किराया और खाने-पीने का खर्च भी आरोपी द्वारा वहन किया जा रहा था।

बचाए गए नाबालिग बच्चों की पहचान मोहम्मद आसिफ आलम (13 वर्ष), मोहम्मद परवेज (14 वर्ष), शाहनवाज (17 वर्ष), शाहबाज (14 वर्ष), ग़ालिब (14 वर्ष), मोहम्मद राशिद (14 वर्ष) के रूप में हुई। सभी बच्चे अररिया, बिहार के निवासी हैं।

बच्चों को सुरक्षित चाइल्ड हेल्प डेस्क को किया गया सुपुर्द

पूछताछ और दस्तावेजी जांच के बाद मामला बाल मजदूरी का पाया गया। इसके बाद आरपीएफ टीम ने सभी 6 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रूप से चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपुर्द कर दिया। वहीं, बच्चों को जबरन मजदूरी के लिए ले जाने वाले आरोपी मोसब्बिर आलम को अग्रिम विधिक कार्रवाई हेतु कोतवाली मुगलसराय पुलिस के हवाले कर दिया गया।

अभियान में ये रहे शामिल

इस अभियान में आरपीएफ टीम के उप निरीक्षक विजय बहादुर राम, आरक्षी दीपक सिंह, बृजेश सिंह, संतोष त्रिपाठी, अशोक यादव, सीआईबी के प्रधान आरक्षी विनोद यादव, बचपन बचाओ आंदोलन की चंदा गुप्ता तथा चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुजीत कुमार सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।

आरपीएफ डीडीयू की यह कार्रवाई न केवल बच्चों की तस्करी और बाल मजदूरी पर सख्त शिकंजा कसने का संदेश देती है, बल्कि ऐसे नेटवर्क के खिलाफ प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता को भी दर्शाती है।