चकिया में कवच परियोजना की अनूठी पहल, एसडीएम और ब्लॉक प्रमुख ने बढ़ाया बेटियों का उत्साह
चंदौली : बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ संघर्ष और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में चकिया में एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है। संस्था मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान द्वारा संचालित कवच परियोजना के अंतर्गत उन सात बालिकाओं को साइकिल वितरित की गई, जिनके बाल विवाह को समय रहते रोककर उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी पवन कुमार यादव एवं ब्लॉक प्रमुख शम्भूनाथ यादव ने बालिकाओं को साइकिल प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बेटियों की शिक्षा ही समाज के उज्ज्वल भविष्य की नींव है और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए।
उपजिलाधिकारी पवन कुमार यादव ने कहा कि बालिका शिक्षा केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास का आधार है। उन्होंने कवच परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पहलें बेटियों को आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने छात्राओं से नियमित रूप से विद्यालय जाने, मेहनत से पढ़ाई करने और अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया।
वहीं ब्लॉक प्रमुख शम्भूनाथ यादव ने कहा कि प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बालिकाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और समाज के लिए प्रेरणा बनने का संदेश दिया।
साइकिल मिलने के बाद बालिकाओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने शिक्षा जारी रखने, नियमित विद्यालय जाने तथा अन्य बच्चों को भी पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने इस पहल को बाल विवाह जैसी कुरीति के खिलाफ एक प्रभावी कदम बताते हुए इसकी सराहना की। इस अवसर पर तहसीलदार देवेन्द्र कुमार यादव, दिनेश कुमार तथा संस्था की ओर से संजू, प्रीति, जितेन्द्र, मनोज और शहनाज सहित कई लोग उपस्थित रहे।
बाल विवाह रोककर बेटियों के हाथों में साइकिल और शिक्षा का नया अवसर सौंपने की यह पहल समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश दे रही है। यह साबित करती है कि यदि बेटियों को अवसर और सहयोग मिले तो वे अपने सपनों की उड़ान भर सकती हैं।


















