नागपंचमी की पूर्व संध्या पर दौड़ प्रतियोगिता का हुआ आयोजन, बच्चों ने दिखाया अपना दमख़म
चंदौली : नागपंचमी की पूर्व संध्या पर गुरुवार की शाम चहनियां क्षेत्र के सेवढी हुदहुदीपुर ग्राम पंचायत में दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन हुआ. कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि ग्राम प्रधान आशुतोष कुमार सिंह ने मां सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर व फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस दौरान क्षेत्र के विभिन्न गांवों से दर्जनों बच्चों ने प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया और अपना दमखम दिखाया.

प्रतियोगिता में 100, 200, 400 और 800 मीटर दौड़ का लक्ष्य रखा गया. जिसमें दर्जनों बच्चों ने दौड़ प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया. 100 मीटर दौड़ में अल्ताफ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. वही विशाल ने दूसरा स्थान प्राप्त किया. 200 मीटर दौड़ में पवन कुमार ने प्रथम और प्रभुनारायण ने दूसरा स्थान प्राप्त किया. इसी तरह 400 मीटर दौड़ में पायल सिंह प्रथम और उजयशा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया. 800 मीटर की दौड़ में पवन कुमार प्रथम स्थान प्राप्त किया वही दूसरे स्थान पर विनीत कुमार रहे.

ग्राम प्रधान आशुतोष कुमार सिंह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि खेल हमारे जीवन में अद्वितीय महत्व रखता है. यह हमारे स्वास्थ्य, मनोविज्ञानिक विकास और सामाजिक विकास के लिए एक संपूर्ण उपाय है. खेल के खेलने से हमारा शारीरिक स्वास्थ्य सुधरता है और हमें ऊर्जा से भर देता है. यह हमारी मानसिक तनाव को कम करता है और हमें खुश रखता है. कहा कि खेल हमारी शारीरिक और मानसिक स्थिति को सुधारने का अद्वितीय माध्यम है. जब हम खेल खेलते हैं, तो हमारे शरीर की कसरत होती है, हमारी हड्डियों, मांसपेशियों और लिगामियों की मजबूती बढ़ती है और हम तंदुरुस्त और मजबूत बनते हैं. खेल करने से हमारा श्वास-नली सुचारू रूप से कार्य करता है और हमारा मस्तिष्क अच्छी तरह से समय चलाता है.

उन्होंने कहा कि जब हम खेल खेलते हैं, तो हम साथी खिलाड़ियों के साथ ग्रुप में संघटित होते हैं और टीमवर्क करते हैं. इससे हमारे सामाजिक और संघटनात्मक कौशल विकसित होते हैं और हम अन्य लोगों के साथ सहयोग करने का कौशल बनाते हैं. खेल हमें नेतृत्व के गुण विकसित करता है, हमारी सामरिक बुद्धि को मजबूत बनाता है और हमें संघर्ष के साथ सामर्थ्यपूर्ण व्यवहार करने का मौका देता है. खेल हमें नैतिकता और संयम की महत्वपूर्ण शिक्षा भी प्रदान करता है. जब हम खेल में भाग लेते हैं, तो हमें नियमों और नियमितता का पालन करना पड़ता है. इससे हमारे अनुशासन, संयम और नैतिक मूल्य विकसित होते हैं. हमें अन्य खिलाड़ियों के साथ सही ढंग से खेलने की आवश्यकता होती है और हमें अपनी संख्या का सम्मान करना सिखाता है. खेल हमें टीम के साथ काम करने, उच्चतम मानकों की प्राप्ति करने और दूसरों के साथ सहयोग करने की क्षमता देता है.
इस दौरान प्रमुख रूप से राजेश मिश्रा, रविशंकर यादव, लालजी, करन राय, अभिषेक, सुनील, किशन, दुर्गेश, लालू, आशीष, गोविंद, जगवंशी, जगन्नाथ, रामदास, मरजाद सहित आदि ग्रामीण उपस्थित रहे.


















