कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर कांग्रेस भवन में श्रद्धांजलि सभा, सामाजिक न्याय के विचारों को किया नमन

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कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर कांग्रेस भवन में श्रद्धांजलि सभा, सामाजिक न्याय के विचारों को किया नमन

चंदौली : जिला कांग्रेस कमेटी चंदौली द्वारा चंद्रा त्रिपाठी कांग्रेस भवन में भारत रत्न व जननायक के नाम से मशहूर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की जयंती श्रद्धा, सम्मान और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर भारतीय राजनीति के ऐसे व्यक्तित्व थे, जिन्होंने सामाजिक न्याय, समानता और समरसता को जमीन पर उतारने का कार्य किया। उन्होंने वर्ष 1978 में कर्पूरी फार्मूले के तहत पिछड़ों, वंचितों, गरीब सवर्णों और महिलाओं के उत्थान के लिए 26 प्रतिशत आरक्षण लागू किया, जो सामाजिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम था।

अरुण द्विवेदी ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर द्वारा लिए गए फैसले आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने मैट्रिक तक मुफ्त शिक्षा, शराबबंदी जैसे साहसिक और जनहितकारी निर्णय लेकर गरीब, कमजोर और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया। विशेष रूप से दसवीं तक की परीक्षा में अंग्रेज़ी विषय की अनिवार्यता समाप्त कर उन्होंने गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी राहत प्रदान की, जिससे लाखों छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर मिला।

उन्होंने आगे कहा कि कर्पूरी ठाकुर की पहचान सिर्फ एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक सच्चे समाजसेवी, ईमानदार प्रशासक और सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले जननायक के रूप में थी। मुख्यमंत्री रहते हुए उनकी सादगी, ईमानदारी और पारदर्शिता आज भी लोगों के लिए आदर्श है। वे हमेशा आम जनता के बीच रहते थे और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को ही अपनी राजनीति का केंद्र मानते थे।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने भी कर्पूरी ठाकुर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया और अपने पूरे जीवन में समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उनका जीवन आज के युवाओं और राजनेताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से श्रीमती मधु राय, राजेंद्र गौतम, परमहंस सिंह राजपूत, श्रीकांत पाठक, दीनदयाल विश्वकर्मा, सतेंद्र उपाध्याय, विवेक सिंह, राकेश पाठक, राकेश सिंह, सिराजुद्दीन भुट्टो, पंकज तिवारी, ज्ञान प्रकाश तिवारी, संतोष चौबे, शमशेर, कन्हैया प्रसाद, सुरेले मौर्यखा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके बताए मार्ग पर चलने के संकल्प के साथ किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने सामाजिक न्याय, शिक्षा और समरस समाज के निर्माण के लिए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।