जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प
चंदौली : चहनियां क्षेत्र अंतर्गत लक्षुब्रम्ह बाबा मंदिर परिसर में शनिवार को भारतरत्न, जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव ने कर्पूरी ठाकुर के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया। इसके पश्चात कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसमें स्वागत गीत, राष्ट्रीय गीत तथा कर्पूरी ठाकुर के जीवन व संघर्षों पर आधारित गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुति हुई।
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी नाई समाज में जन्म लेकर समाज के गरीबों, शोषितों और वंचितों की आवाज बने। उन्होंने मुख्यमंत्री बनते ही बिहार में आरक्षण लागू कर सामाजिक न्याय की मजबूत नींव रखी। वे डॉ. राममनोहर लोहिया के विचारों से प्रेरित होकर राजनीति में आए और उनके दिखाए रास्ते पर चलकर देश व प्रदेश को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम सब उनके विचारों को आत्मसात कर आगे बढ़ें, तभी समाज का वास्तविक विकास संभव है।
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह “काका” ने कहा कि यदि देश से सामंती व्यवस्था को समाप्त करना है तो जननायक कर्पूरी ठाकुर के पदचिन्हों पर चलना होगा। आज देश को कर्पूरी ठाकुर जैसे जननायक की आवश्यकता है, जो गरीब, वंचित और शोषित वर्ग की सच्ची आवाज बन सकें।
जय भारत मंच के काशी प्रांत अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह “गुड्डू” ने कहा कि भारतरत्न कर्पूरी ठाकुर जी के विचार और कार्य आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। हमें संगठित होकर समाज के गरीबों, मजलूमों और पिछड़े वर्ग की सहायता करनी चाहिए तथा उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
समारोह को धनंजय सिंह, राजेन्द्र प्रताप सिंह, सुबेदार सिंह एवं आर.पी. कुशवाहा ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने कर्पूरी ठाकुर के सामाजिक न्याय, समानता और समरसता के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में नाई समाज के जिलाध्यक्ष बसंत शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष बुलबुल सलमानी, इन्द्रजीत शर्मा, मोहन शर्मा, अब्दुल हलीम सलमानी, संजय शर्मा, वकील शर्मा, जोखु सिद्दीकी, ओमप्रकाश यादव, श्यामनारायण यादव सहित सैकड़ों की संख्या में गणमान्य नागरिक, समाजसेवी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ किया गया।









