मोबाइल नंबर जोड़कर बनाई फर्जी UPI, लाखों की ठगी करने वाला गिरफ्तार

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मोबाइल नंबर जोड़कर बनाई फर्जी UPI, लाखों की ठगी करने वाला गिरफ्तार

चंदौली : फर्जी UPI बनाकर विदेश में रह रहे खाताधारक के खाते से ₹2.76 लाख उड़ाने वाला शातिर गिरफ्तार
चंदौली, 06 जून। थाना बलुआ पुलिस और साइबर सेल चंदौली की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए UPI के माध्यम से लाखों रुपये की साइबर धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने विदेश में रह रहे एक व्यक्ति के बैंक खाते से फर्जी तरीके से मोबाइल नंबर लिंक कर UPI आईडी और पिन तैयार किया तथा अलग-अलग तिथियों में कुल ₹2,76,362.50 की धनराशि निकाल ली थी।

पुलिस के अनुसार, थाना बलुआ क्षेत्र के ग्राम पुरवां नादी निवासी दिनेश निषाद ने 8 मई 2026 को तहरीर देकर बताया कि उनका यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की रामगढ़ शाखा में खाता है और वह वर्ष 2021 से दुबई में रह रहे थे। अप्रैल 2026 में भारत लौटने के बाद जब वे बैंक में केवाईसी अपडेट कराने पहुंचे तो पता चला कि उनके खाते से एक अज्ञात मोबाइल नंबर जोड़कर UPI सक्रिय किया गया और उनके खाते से लाखों रुपये निकाल लिए गए हैं। जबकि उन्होंने कभी UPI बनाने के लिए एटीएम कार्ड उपलब्ध नहीं कराया था।

शिकायत के आधार पर थाना बलुआ में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त जांच में खुला राज

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह और साइबर सेल प्रभारी मिर्जा रिजवान बेग के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इसके बाद वांछित अभियुक्त विशाल पटेल (24 वर्ष) पुत्र राकेश पटेल निवासी रायपुर कला थाना सुजानगंज जनपद जौनपुर को सकलडीहा जाने वाले टैक्सी स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने कबूला अपराध

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने नवंबर 2025 में अपने नाम से एक सिम कार्ड लिया और उसी के माध्यम से कूटरचित तरीके से PhonePe UPI आईडी और पिन तैयार किया।

विश्वास पक्का करने के लिए उसने पहले अपने खाते में एक रुपये ट्रांसफर कर परीक्षण किया। ट्रांजैक्शन सफल होने के बाद उसने धीरे-धीरे बड़ी रकम निकालनी शुरू कर दी। आरोपी ने पहले अपने विभिन्न बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर किए और बाद में अपने परिचितों के खातों का भी इस्तेमाल कर रकम निकालता रहा।

आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने करीब ₹2.62 लाख की धोखाधड़ी की रकम से अपना मकान बनवाया तथा घरेलू उपयोग का सामान खरीदा।

साइबर अपराधियों के नए तरीकों से सतर्क रहने की जरूरत

यह मामला दर्शाता है कि साइबर अपराधी अब फर्जी मोबाइल नंबर लिंक कर और कूटरचित तरीके से UPI आईडी बनाकर बैंक खातों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि समय-समय पर अपने बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर, UPI और KYC की जानकारी की जांच करते रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर दें।

गिरफ्तारी करने वाली टीम

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक मिर्जा रिजवान बेग, निरीक्षक सलिल स्वरूप आदर्श, उपनिरीक्षक जमीलुद्दीन खान, उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला, हेड कांस्टेबल पवन कुमार तथा कांस्टेबल मनोज चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस सफल कार्रवाई को लेकर पुलिस विभाग ने साइबर अपराधों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।