समाज कल्याण मंत्रालय हुआ सक्रिय, सकलडीहा के उपेक्षित विद्यालयों का होगा निरीक्षण

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समाज कल्याण मंत्रालय हुआ सक्रिय, सकलडीहा के उपेक्षित विद्यालयों का होगा निरीक्षण

चंदौली : सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों की दयनीय व बदहाल स्थिति को लेकर अब आवाज बुलंद होने लगी है। कई वर्षों से रुके हुए विकास कार्य और सुस्त गति से चल रही योजनाओं का मुद्दा शनिवार को वाराणसी में गरमाया, जब भाजपा नेता अरविन्द पाण्डेय ने समाज कल्याण मंत्री से मुलाकात कर विस्तृत निरीक्षण एवं समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की।

मंत्री ने दिए जल्द आने के संकेत

समाज कल्याण मंत्री से मुलाकात के दौरान भाजपा नेता अरविन्द पाण्डेय ने आग्रह किया कि विद्यालयों में रुके हुए कार्यों और बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मंत्री स्वयं मौके पर जाएं। मंत्री ने इस मांग पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए शीघ्र निरीक्षण के लिए आने का आश्वासन दिया।

जर्जर विद्यालयों का मुद्दा प्रमुख

बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा सुरतापुर स्थित ‘आदि हिन्दू प्राथमिक विद्यालय’ की स्थिति पर हुई, जो लंबे समय से जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। टूटी दीवारें, कमजोर भवन और संसाधनों की भारी कमी के कारण वहाँ का पठन-पाठन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

ना छात्रों को किताबें ना बस्ते और ना ही यूनिफॉर्म

अरविन्द पाण्डेय ने बताया कि जहाँ बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों का कायाकल्प मिशन के अंतर्गत तेजी से नवीनीकरण हो रहा है, वहीं समाज कल्याण विभाग के विद्यालय इस योजना से वंचित हैं। ना छात्रों को किताबें मिलती हैं, ना बस्ते, ना ही यूनिफॉर्म। कई स्कूलों में कुर्सी-डेस्क जैसी साधारण सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। नतीजा यह कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े बच्चों के लिए बने ये विद्यालय अपने लक्ष्य से बहुत पीछे छूट रहे हैं।

छात्रावासों की स्थिति और सुधार की पहल

अनुसूचित जाति छात्रावास चहनिया और सकलडीहा की मरम्मत के लिए पहले ही धनराशि का उपयोग किया जा चुका है। अब वहाँ वाचनालय स्थापना की दिशा में कार्य लगातार जारी है, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके।

छात्रवृत्ति व अन्य सुविधाओं पर भी हुई चर्चा

मुलाकात के दौरान अरविन्द पाण्डेय ने छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति, शिक्षा संबंधी अन्य लाभ और नई योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की। मंत्री ने आश्वस्त किया कि सभी लंबित मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी।

अंत्योदय व संवैधानिक मूल्यों का समन्वय

मंत्री ने यह भी कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय सिद्धांत अर्थात समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने को डॉ. भीमराव अंबेडकर के संवैधानिक ढांचे के अनुरूप लागू किया जाएगा। यानी, सामाजिक न्याय और विकास दोनों को संतुलित रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

समग्र रूप से देखें तो सकलडीहा की वर्षों से उपेक्षित शिक्षण व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद एक बार फिर जग उठी है। अब सबकी निगाहें मंत्री के आगामी दौरे और उनके निर्णयों पर टिकी हैं, जो इलाके की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।