नहर सफाई की मिट्टी बनी मुसीबत, मोहरगंज-ककरहटी-बैराठ मार्ग पर बढ़ा हादसों का खतरा, रोज फिसलकर चोटिल हो रहे स्कूली बच्चे, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
चंदौली : चहनियाँ क्षेत्र अंतर्गत मोहरगंज से ककरहटी, बैराठ होते हुए रामगढ़ व सढ़ान तक जाने वाले नहर मार्ग पर नहर की सफाई के दौरान निकाली गई मिट्टी और झाड़ियों को सड़क पर छोड़ दिए जाने से राहगीरों और स्कूली बच्चों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण पूरी नवनिर्मित सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई है, जिससे आए दिन लोग फिसलकर घायल हो रहे हैं।
लोकनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रबंधक धनंजय सिंह ने बताया कि यह क्षेत्र का अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसी सड़क से प्रतिदिन सरकारी एवं निजी विद्यालयों की 12 से अधिक स्कूल बसों का संचालन होता है, जबकि 15 से अधिक विद्यालयों के हजारों छात्र-छात्राएं इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। यही मार्ग अघोराचार्य बाबा कीनाराम धाम को भी जोड़ता है, जहां जन्मोत्सव और गुरु पूर्णिमा जैसे आयोजनों के दौरान हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता समित कुमार सिंह ने कहा कि नहर में पानी न रहने के दौरान नियमित रूप से सिल्ट सफाई और मिट्टी के उचित निस्तारण की व्यवस्था नहीं की जाती। इस बार भी सफाई के नाम पर निकाली गई मिट्टी और झाड़ियों को सड़क पर ही छोड़ दिया गया, जिससे बारिश के बाद सड़क अत्यधिक फिसलन भरी हो गई है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 10 से 15 स्कूली बच्चे कीचड़ में फिसलकर गिर रहे हैं, जबकि बाइक सवार और अन्य राहगीर भी दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
समाजसेवी अभय कुमार पी.के. ने कहा कि नहर की सफाई आवश्यक है, लेकिन निकाली गई मिट्टी को सड़क पर छोड़ देना विभागीय लापरवाही का परिचायक है। उन्होंने कहा कि यह मार्ग स्कूली बच्चों और श्रद्धालुओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। संबंधित विभाग को तत्काल सड़क से मिट्टी हटाकर मार्ग को सुरक्षित बनाना चाहिए। यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो जनहित में संबंधित अधिकारियों से मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
प्रधान रमाकांत यादव, मन्नू यादव, अवधेश यादव, मोनू पाण्डेय, अर्पित पाण्डेय, विनोद पाण्डेय, द्वारिका यादव, आभा यादव, प्रभुनाथ पाण्डेय, किशन चौरसिया, दीना दादा, रितेश शर्मा सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं सिंचाई विभाग से सड़क पर फैली मिट्टी और झाड़ियों को तत्काल हटाने की मांग की है।
साथ ही भविष्य में नहर की सफाई के दौरान ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है, जिससे आमजन और स्कूली बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।


















