शिकारगंज रजवाहा का तटबंध टूटा, किसानों में आक्रोश, सफाई व मरम्मत की मांग, घेराव की चेतावनी
चंदौली : चकिया क्षेत्र के शिकारगंज रजवाहा में सिंचाई व्यवस्था एक बार फिर अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गई। शनिवार रात नहर में पानी छोड़े जाने के दौरान वह आधी दूरी तक ही पहुंच पाया था कि भोका बंधी के हेड से करीब 200 मीटर आगे रजवाहा का लगभग 10 से 11 फीट तटबंध ध्वस्त हो गया। तटबंध टूटने से पानी खेतों तक पहुंचने से पहले ही बह गया, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है।
किसानों का आरोप है कि शिकारगंज बाजार पुल के दोनों ओर नहर घास-फूस और झाड़ियों से पूरी तरह पटी हुई है। समय पर सफाई न होने के कारण पानी का दबाव बढ़ता गया और अंततः तटबंध टूट गया। किसानों का कहना है कि यदि नहर की नियमित सफाई कराई गई होती तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
किसान विकास मंच के नेता सरोज कुमार यादव ने बताया कि शिकारगंज रजवाहा और उचेहरा रजवाहा के बीच पानी के वितरण के लिए आज भी लकड़ी के पटरे लगाए जाते हैं। अधिक दबाव होने पर पटरे हटाकर पानी उचेहरा रजवाहा में छोड़ा जाता है, क्योंकि शिकारगंज रजवाहा ऊंचाई पर स्थित है। उन्होंने कहा कि यहां आधुनिक जैक रेगुलेटर सिस्टम लगाया जाना चाहिए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर आसानी से पानी का दबाव दूसरी ओर मोड़ा जा सके और तटबंध टूटने जैसी घटनाओं से बचा जा सके।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस समस्या को जिला किसान दिवस में जिलाधिकारी तथा बंधी डिवीजन के अधिकारियों के समक्ष पहले ही उठाया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, भोका बंधी का पानी भी स्लूइस गेट की मरम्मत के नाम पर बहा दिया गया, जिससे बंधी में पहले से ही पानी की कमी बनी हुई है। ऐसे में जर्जर सिंचाई व्यवस्था किसानों की मुश्किलें और बढ़ा रही है।
किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने मामले की जानकारी अवर अभियंता को भी दी है। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने सहायक अभियंता एवं अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र आजाद से तत्काल शिकारगंज रजवाहा की सफाई कराने तथा तटबंध की मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सूखे की स्थिति को देखते हुए बंधी डिवीजन के अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग और पेट्रोलिंग कर नहर का पानी अंतिम छोर तक पहुंचाना सुनिश्चित करना चाहिए।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो किसान विकास मंच बंधी डिवीजन कार्यालय, चकिया का घेराव कर आंदोलन करेगा।
इस दौरान सिंचाई व्यवस्था को लेकर आवाज उठाने वालों में बृजेश यादव, ईश्वरी शरण सिंह, जोखन यादव, सरोज कुमार यादव, मुठ्ठल यादव, कपिल, बृजलाल कवि, आजाद, भगवान दास, रमेश चंद्र यादव, रामकेश, जगत, जगदीश, शिवाजी पटेल, शैलेंद्र पटेल, लोचन, श्याम नारायण यादव, विमलेश, उमाशंकर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


















