खेतों में भटकी नीलगाय बांस के झुरमुट में फंसी, पैर टूटने से गंभीर घायल, समय पर उपचार से बची जान
चंदौली : जनपद के चकिया तहसील अंतर्गत दिरेहु ग्राम सभा के पहाड़ी कगरा क्षेत्र में गुरुवार को एक नीलगाय जंगल से भटककर किसानों के खेतों में पहुंच गई, जहां दुर्घटनावश वह गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया, वहीं ग्रामीणों की सतर्कता और वन विभाग की तत्परता से घायल वन्य जीव की जान बचा ली गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोजन और पानी की तलाश में जंगल से निकली नीलगाय खेतों की ओर आ गई। इसी दौरान खेत के पास बने बांस के कंटीले झुरमुट को पार करने के प्रयास में उसने छलांग लगा दी, जिससे उसका आगे का बायां पैर बुरी तरह टूट गया। चोट लगने के बाद नीलगाय वहीं गिरकर दर्द से कराहने लगी।
नीलगाय की आवाज सुनकर आसपास मवेशी चरा रहे ग्रामीण बगड़ू यादव, संजय यादव, त्रिलोकी यादव सहित कई लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने पहले अपने स्तर से घायल पशु को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति गंभीर देख उन्होंने तत्काल वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही चकिया रेंज की वन विभाग टीम मौके पर पहुंची। वनरक्षक अमित सिंह के नेतृत्व में टीम ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। घायल नीलगाय को वन विभाग की रेस्क्यू गाड़ी के माध्यम से बाहर निकालकर तत्काल उपचार के लिए भेजा गया, जहां उसका विधिवत इलाज कराया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि चकिया विकासखंड के अधिकांश गांव जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों से घिरे हुए हैं। गर्मी के मौसम में अक्सर वन्य जीव भोजन और पानी की तलाश में आबादी की ओर रुख कर लेते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मामलों में घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते वन्य जीवों का सुरक्षित रेस्क्यू और उपचार किया जा सके।
यह घटना एक बार फिर इंसान और वन्य जीवों के बीच बढ़ते संपर्क और उससे उत्पन्न चुनौतियों की ओर इशारा करती है, जहां सजगता और समन्वय ही समाधान का रास्ता है।


















