ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, अंतरराज्यीय गिरोह का सदस्य गिरफ्तार
चंदौली : जनपद की मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर देशभर में साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी के कब्जे से 21 विभिन्न बैंकों के डेबिट/एटीएम कार्ड, दो बैंक पासबुक, चार मोबाइल फोन, एक कूटरचित आधार कार्ड, चार खाली सिम पैकेट, एक सक्रिय सिम कार्ड तथा ₹1200 नकद बरामद किए गए हैं। गिरोह के एक अन्य वांछित सदस्य की तलाश जारी है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थानाध्यक्ष मुगलसराय विजय प्रताप सिंह एवं प्रभारी साइबर सेल मिर्जा रिजवान बेग के नेतृत्व में पुलिस टीम साइबर स्लेवरी एवं म्यूल बैंक खातों से जुड़े संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश में रेलवे स्टेशन क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर डीआरएम कार्यालय जाने वाले मार्ग के पास से बिहार के औरंगाबाद जनपद निवासी अंकित कुमार को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ एवं जांच में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से लोगों को अधिक मुनाफा और धनराशि दोगुनी होने का लालच देकर निवेश कराता था। निवेश की गई रकम विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर संचालित म्यूल बैंक खातों में जमा कराई जाती थी, जहां से डेबिट कार्ड के जरिए देशभर के अलग-अलग एटीएम से नकदी निकालकर गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
पुलिस द्वारा बरामद दोनों बैंक खातों की राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर जांच करने पर महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार, पंजाब और ओडिशा समेत विभिन्न राज्यों से जुड़ी कुल 10 साइबर ठगी शिकायतें दर्ज मिलीं। डिजिटल जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से बड़ी संख्या में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, छह सक्रिय व्हाट्सएप ग्रुप, दो ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म तथा एक वीडियो भी मिला, जिसमें वह अपने साथियों को साइबर ठगी की रकम म्यूल खातों के जरिए सुरक्षित तरीके से निकालने का तरीका समझाता दिखाई दे रहा है।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने कार्रवाई से बचने के लिए फर्जी आधार कार्ड का भी इस्तेमाल किया। बरामद डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण कराया जा रहा है और गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार कार्रवाई में जुटी हुई है। मुगलसराय थाने में आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।


















