छात्र-छात्राओं को मिठाई खिलाकर किया सम्मानित, टॉपर्स की फीस मुफ्त व 90 प्रतिशत तक माफी की घोषणा
चंदौली : हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद चहनियां स्थित मां खण्डवारी इंटर कॉलेज परिसर में शुक्रवार को खुशी का माहौल रहा। विद्यालय में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को संस्थापक प्रबंधक राजेन्द्र प्रताप सिंह एवं प्रधानाचार्य आशुतोष कुमार सिंह ‘कैलाशी’ ने माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर शिक्षकों ने मेधावी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर मेहनत के लिए प्रेरित किया।
हाईस्कूल में 92% तक अंक, छात्रों ने लहराया सफलता का परचम
हाईस्कूल परीक्षा परिणाम में अशोक यादव पुत्र सूबेदार यादव ने 91.5 प्रतिशत, साक्षी सिंह पुत्री विंध्याचल सिंह ने 92 प्रतिशत, कल्पना मोदनवाल पुत्री अश्वनी कुमार ने 92.3 प्रतिशत, लक्ष्मी मिश्रा पुत्री सुदर्शन मिश्रा ने 91.5 प्रतिशत तथा छाया यादव पुत्री सतेंद्र यादव ने 89.66 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सफलता हासिल की। वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम में संजना विश्वकर्मा पुत्री संतोष विश्वकर्मा ने 85 प्रतिशत अंक पाकर विद्यालय का नाम रोशन किया।
टॉपर्स की फीस पूरी तरह माफ, आगे की पढ़ाई में 90% छूट का एलान
इस मौके पर प्रबंधक राजेन्द्र प्रताप सिंह ने सभी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जो बच्चे टॉप करेंगे, उनकी फीस पूरी तरह निःशुल्क रहेगी। इतना ही नहीं, उन्होंने घोषणा की कि जो विद्यार्थी इंटरमीडिएट के बाद बीए, बीएससी अथवा बीकॉम करना चाहेंगे, उनकी 90 प्रतिशत फीस माफ की जाएगी।
प्रबंधक बोले – पढ़ाई पर फोकस करें, मोबाइल से बनाएं दूरी
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह पढ़ने-लिखने की उम्र है। इस समय मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए। मोबाइल, इधर-उधर की बातों और बेवजह की चर्चाओं से दूरी बनाकर यदि नियमित रूप से मेहनत की जाए, तो सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि जीवन में कुछ बनना है तो माता-पिता और परिवार का नाम ऊंचा करने के लिए पूरी निष्ठा से पढ़ाई करनी होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले वर्ष केवल इतने ही नहीं, बल्कि 100 बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा।
प्रधानाचार्य ने दिया संदेश – रेगुलर क्लास से ही मिलती है सफलता
प्रधानाचार्य आशुतोष कुमार सिंह ‘कैलाशी’ ने कहा कि मेधावी छात्र-छात्राओं को माला पहनाने और मिठाई खिलाने का उद्देश्य बाकी विद्यार्थियों को प्रेरित करना है, ताकि वे भी उनसे सीख लेकर बेहतर परिणाम प्राप्त करें। उन्होंने विशेष रूप से छात्रा संजना का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने नियमित रूप से कक्षाएं अटेंड कीं और किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया, फिर भी अपने दम पर सफलता हासिल की।
छात्रों का शानदार प्रदर्शन
उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी कक्षाओं से नियमित रूप से जुड़े रहते हैं, उनका परिणाम हमेशा बेहतर आता है, जबकि कई विद्यार्थी कोचिंग के भरोसे कक्षा से दूरी बना लेते हैं, जिसका असर परीक्षा परिणाम पर पड़ता है। उन्होंने संस्कृत विषय में छात्राओं के प्रदर्शन की सराहना करते हुए बताया कि विद्यालय की बच्चियों ने संस्कृत में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। इसी तरह गणित विषय में एक छात्र ने 100 में 100 अंक हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है, जबकि कुछ छात्राओं ने 100 में 99 अंक प्राप्त किए हैं।
मेहनत और अनुशासन से हर लक्ष्य सम्भव : प्रधानाचार्य
प्रधानाचार्य ने कहा कि गणित में शत-प्रतिशत अंक लाना छोटी उपलब्धि नहीं, बल्कि अत्यंत बड़ी सफलता है। यह साबित करता है कि यदि छात्र-छात्राएं नियमित रूप से कक्षा में उपस्थित रहें और मन लगाकर पढ़ाई करें, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को आगे भी इसी लगन और अनुशासन के साथ अध्ययन करने की सलाह दी।
समारोह में छात्रों और शिक्षकों के बीच दिखा उत्साह का माहौल
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरा परिसर उत्साह और खुशी के माहौल में डूबा रहा। सफलता पाने वाले विद्यार्थियों का सम्मान कर विद्यालय परिवार ने शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश दिया और मेधावी बच्चों के उत्साह को और बढ़ाया।


















