पर्यावरण संरक्षण की प्रेरक मिसाल बना डैडीज इंटरनेशनल स्कूल, विद्यालय परिसर में रोपे गए 26 पौधे, हरियाली का मजबूत संदेश
चंदौली : गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर डैडीज इंटरनेशनल स्कूल, बिशुनपुरा कांटा ने शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण का ऐसा संगम प्रस्तुत किया, जो पूरे जनपद के लिए प्रेरणा बन गया। विद्यालय परिसर में 26 जनवरी को 26 पेड़ लगाकर संस्थान ने न केवल हरियाली का संदेश दिया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति-संरक्षण का मजबूत संकल्प भी दोहराया। महज़ दो वर्ष पुराने इस विद्यालय ने अल्प समय में ही देश-विदेश तक अपनी पहचान बना ली है। आज यहां चंदौली जनपद के साथ-साथ देश के 22 राज्यों से आए छात्र-छात्राएं CBSE शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जो इस संस्थान की गुणवत्ता और विज़न का प्रमाण है। इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह उस समय और भी विशेष बन गया, जब विद्यालय के संस्थापक डॉ. विनय प्रकाश तिवारी का “26 जनवरी – 26 पेड़” लगाने का संकल्प साकार हुआ।
प्रकृति का गणतंत्र ही सच्चा गणतंत्र – डॉ. विनय प्रकाश तिवारी
इस अवसर पर डैडीज इंटरनेशनल स्कूल के संस्थापक एवं एल.टी.पी. कैलकुलेटर के आविष्कारक डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने भावुक और प्रेरक शब्दों में कहा हम इंसान आते-जाते रहेंगे, लेकिन जो करोड़ों-अरबों वर्षों से इस ब्रह्मांड में टिका हुआ है, वह है प्रकृति। प्रकृति अपने नियमों का पालन स्वयं करती है, उसके लिए कोई पुलिस, कोर्ट या मंत्री नहीं है। जिस दिन इंसान भी अपने नियमों का पालन स्वयं करने लगेगा, उसी दिन वह सच्चे गणतंत्र का सम्मान करना शुरू करेगा – प्रकृति के गणतंत्र का।
कथनी नहीं, करनी में विश्वास – डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव
विद्यालय के प्राचार्य एवं प्रबंधक डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा भाषण देना आसान है, लेकिन उसे लागू करना कठिन। हमें कार्यान्वयन पर ध्यान देना चाहिए – और आज का यह कार्यक्रम उसी सोच का परिणाम है। कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित चंदौली जनपद के चुनाव आयोग के ब्रांड एंबेसडर एवं ‘वृक्ष मित्र’ के नाम से प्रसिद्ध डॉ. परशुराम सिंह ने कहा
“यदि विज़न बड़ा हो तो उसका उदाहरण डॉ. विनय प्रकाश तिवारी हैं। बिशुनपुरा जैसे गांव में देश के अनेक राज्यों से छात्र पढ़ने आ रहे हैं – यह मजबूत इच्छाशक्ति और दूरदर्शी सोच का जीवंत उदाहरण है।
वन विभाग ने दिया संरक्षण का भरोसा
इस मौके पर चकिया रेंज के रेंजर ए.के. चौबे एवं चकिया फॉरेस्ट के डिप्टी रेंजर आनंद दुबे अपनी पूरी टीम के साथ मौजूद रहे। सभी ने इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना की। रेंजर श्री चौबे ने कहा आप हमें जगह दीजिए, हम पेड़ लगाने और उनकी रक्षा करने के लिए सदैव तत्पर हैं।
जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने लिया पौधों की रक्षा का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान शिवानंद पांडेय, विनीत दुबे, अश्वनी चौबे, विनय कुमार पांडेय, ज्योति कुमारी, अजय सिंह, अरविंद त्रिपाठी, रोशन यादव, श्री सीताराम यादव, पवन त्रिपाठी सहित सभी उपस्थित जनों ने अपने हाथों से एक-एक पौधा रोपित कर उसकी रक्षा का संकल्प लिया।
निष्कर्ष
यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संकल्प-पत्र बन गया। डैडीज इंटरनेशनल स्कूल ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति कर्तव्यों का बोध कराना ही सच्ची शिक्षा है।


















