डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर भव्य आयोजन
चंदौली : जनपद में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य बाबा साहब के जीवन, योगदान और विचारों को जन-जन तक पहुंचाना था।
डॉ. अम्बेडकर के विचार आज भी प्रासंगिक – जिलाधिकारी
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अंबेडकर के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे ने बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्षमय जीवन और संविधान निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन हमें समर्पण, संघर्ष और शिक्षा की महत्ता का संदेश देता है। वे न केवल संविधान निर्माता थे, 9बल्कि समाज में समानता, सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों की स्थापना के लिए निरंतर संघर्षरत रहे।
शिक्षा सबसे बड़ा हथियार
अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने विशेष रूप से डॉ. अंबेडकर के उस विचार को दोहराया, जिसमें उन्होंने कहा था—”शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है, जिससे हम समाज में बदलाव ला सकते हैं।” उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बाबा साहब के आदर्शों को अपनाते हुए शिक्षा को अपना जीवन मंत्र बनाएं और अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करें।
प्रशासनिक अधिकारियों और विद्यार्थियों की रही भागीदारी
इस अवसर पर जनपद के समस्त विभागों में “हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान” विषय पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सेमिनार, निबंध प्रतियोगिता, चित्रकला, वाद-विवाद प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से डॉ. अंबेडकर के विचारों एवं कार्यों को प्रस्तुत किया गया। इन आयोजनों का उद्देश्य युवाओं और आमजन को संविधान की महत्ता तथा बाबा साहब के विचारों से अवगत कराना था।
बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की पहल
कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी अविनाश कुमार, आलोक कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. अंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
यह आयोजन सामाजिक समरसता, न्याय और समानता के मूल्यों को सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल रहा।


















