महाराणा प्रताप जयंती पर कैली गांव में भव्य आयोजन, विधायक सुशील सिंह ने किया शौर्य और स्वाभिमान का आह्वान
चंदौली : चहनियां क्षेत्र के कैली गांव में शनिवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और महाराणा प्रताप के शौर्य, पराक्रम एवं बलिदान को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सैयदराजा विधायक सुशील सिंह शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत विधायक सुशील सिंह द्वारा महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके बाद उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि भारतीय स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें हर परिस्थिति में संघर्ष करते हुए अपने सम्मान और मातृभूमि की रक्षा के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।
विधायक ने कहा कि महाराणा प्रताप ने अपने जीवन के लगभग 30 वर्षों तक मुगल सम्राट अकबर के विरुद्ध संघर्ष किया। कठिन परिस्थितियों में घास की रोटियां खाकर जीवन व्यतीत किया, लेकिन कभी भी अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया और न ही अकबर के सामने झुके। उनका यह त्याग और बलिदान आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि आज के समय में हमें एकजुट होकर अपने धर्म, संस्कृति, गौरव और इतिहास की रक्षा करने की आवश्यकता है। नई पीढ़ी को महाराणा प्रताप के आदर्शों से जोड़ना समय की मांग है, ताकि उनमें राष्ट्रप्रेम और स्वाभिमान की भावना विकसित हो सके।
कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण “महाराणा प्रताप अमर रहें” और “भारत माता की जय” के जयघोष से गूंज उठा। राष्ट्रभक्ति और वीरता के रंग में रंगे इस आयोजन में बड़ी संख्या में युवा, ग्रामीण और क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सूर्यमुनि तिवारी, संजय पाण्डेय, शंभूनाथ (पूर्व जिला पंचायत सदस्य), कृपा शंकर सिंह, सुजीत सिंह, अजीत सिंह, विपिन पाण्डेय, शेखर सिंह सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेंद्र प्रताप सिंह ने की, जबकि संचालन आशीष सिंह रघुवंशी ने किया। आयोजन की भव्यता और लोगों की सहभागिता ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।


















