79 साल बाद भी अंधेरे में 50 परिवार, विद्युतीकरण कार्य रुकने से ग्रामीणों में आक्रोश, डीएम को सौंपा ज्ञापन
चंदौली : विकास खंड नौगढ़ क्षेत्र के ग्राम सभा चिकनी के पुरवा औरवाटाड़ में विद्युतीकरण कार्य रोके जाने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। बिजली की सुविधा से वंचित करीब 50 परिवारों की समस्या को लेकर ग्राम प्रधान संतराम सिंह के नेतृत्व में दर्जनों महिला-पुरुषों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग को ज्ञापन सौंपकर विद्युतीकरण कार्य शुरू कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया कि चिकनी का पुरवा औरवाटाड़ गांव से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां खरवार समाज के लगभग 50 परिवार रहते हैं, जो देश की आजादी के 79 वर्ष बाद भी बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली नहीं होने के कारण उन्हें अंधेरे में जीवन गुजारना पड़ रहा है और आधुनिक सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक विद्युत विभाग की ओर से गांव में विद्युतीकरण के लिए करीब 50 विद्युत खंभे गिराए जा चुके हैं, लेकिन वन क्षेत्राधिकारी मझगाई द्वारा कार्य पर रोक लगाए जाने के बाद विद्युतीकरण का काम अधर में लटक गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर खंभे लगाए जाने हैं, वहां करीब 20 फीट चौड़ा कच्चा मार्ग पहले से बना हुआ है। उनका दावा है कि खंभे लगाए जाने से वन क्षेत्र के पौधों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। इसके बावजूद कार्य रुकने से बिजली पहुंचने की उम्मीद लगाए ग्रामीणों को निराशा हाथ लगी है।
अंधेरे में जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। अंधेरे में आवागमन करना भी ग्रामीणों के लिए जोखिम भरा है। विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के अभाव में उमस भरी गर्मी के दौरान पंखे और कूलर तक नहीं चल पाते, जिससे परिवारों को बेहद कठिन परिस्थितियों में रहना पड़ता है।
बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित
ग्रामीणों ने कहा कि बिजली न होने का सबसे अधिक असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। शाम होते ही अंधेरा छा जाने के कारण बच्चे नियमित रूप से पढ़ाई नहीं कर पाते। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार गांव-गांव तक बिजली पहुंचाने और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर आजादी के 79 वर्ष बाद भी उनके गांव के परिवार बिजली की सुविधा से वंचित हैं।
ग्राम प्रधान संतराम सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले का संज्ञान लेकर संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए विद्युतीकरण कार्य में आ रही बाधा को दूर कराने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि विद्युत खंभे पहले ही गिराए जा चुके हैं, ऐसे में यदि आवश्यक अनुमति प्रदान कर कार्य पूरा करा दिया जाए तो लंबे समय से अंधेरे में रह रहे परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से चिकनी के पुरवा औरवाटाड़ में जल्द से जल्द विद्युतीकरण कार्य शुरू कराकर बिजली की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देगा।


















