दरोगा बेटे ने दिखाई बहादुरी, फिर भी नहीं बची मां की जान, गांव में मातम
चंदौली : बलुआ थाना क्षेत्र के टांडाकला गांव में पागल कुत्ते के हमले में घायल 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला मुन्ना पाण्डेय की गुरुवार को मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है, वहीं परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, टांडाकला स्थित पांडेय मोहल्ला निवासी मुन्ना पाण्डेय बुधवार को अपने घर के बाहर गली में बैठी थीं, तभी एक पागल कुत्ते ने अचानक उन पर हमला कर दिया। कुत्ते ने महिला के दाहिने हाथ को अपने जबड़े में दबोच लिया और बुरी तरह नोचने लगा। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग डंडे और पत्थर लेकर दौड़े, लेकिन कुत्ता उन्हें छोड़ने को तैयार नहीं था।
इसी बीच, छुट्टी पर घर आए उनके पुत्र दिवाकर पाण्डेय, जो भदोही जिले में दरोगा के पद पर तैनात हैं, मौके पर पहुंचे। मां को खून से लथपथ हालत में देख उन्होंने बिना अपनी जान की परवाह किए कुत्ते के जबड़े को अपने हाथों से पकड़ लिया और काफी मशक्कत के बाद मां को उसके चंगुल से छुड़ाया। उनकी इस बहादुरी को देख मौके पर मौजूद लोग भी दंग रह गए।
घटना के तुरंत बाद दिवाकर पाण्डेय अपनी मां को वाराणसी के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उन्हें रेबीज के इंजेक्शन समेत प्राथमिक उपचार दिया गया। इलाज के बाद महिला को घर लाया गया, जहां वह सामान्य रूप से लोगों से बातचीत भी कर रही थीं।
हालांकि गुरुवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तेज घबराहट होने लगी और कुछ ही देर में उन्होंने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया, वहीं गांव में शोक और भय का माहौल है।
ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि कुत्ते के हमले के सदमे और दहशत के कारण महिला की मौत हुई है। वहीं, घटना के बाद इलाके में पागल कुत्तों के आतंक को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है।


















