कूट रचित दस्तावेज बनाकर खुद को ‘RAW एजेंट’ बताने वाला युवक गिरफ्तार
चंदौली : जनपद में अपराध व अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना कोतवाली चंदौली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस टीम ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद को कभी ‘RAW एजेंट’ तो कभी ‘असिस्टेंट कमांडेंट’ बताकर लोगों को भ्रमित करता था।
पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देश पर चलाए जा रहे सघन अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक अनन्त चन्द्रशेखर व क्षेत्राधिकारी सदर देवेन्द्र कुमार के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक विजय बहादुर सिंह के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस टीम 25 मार्च 2026 को संदिग्ध व्यक्ति व वस्तु की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में युवक की पहचान रूपेश उपाध्याय (22 वर्ष) पुत्र अम्बरीष उपाध्याय निवासी हेतमपुर, थाना धानापुर, जनपद चंदौली के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से एक निमंत्रण पत्र, दो कूट रचित दस्तावेजों की छाया प्रतियां तथा एक वीवो मोबाइल फोन बरामद हुआ।
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसने ये सभी फर्जी दस्तावेज अपने मोबाइल फोन के जरिए ‘Chat GPT’ की मदद से तैयार किए थे। इन दस्तावेजों का उपयोग वह अलग-अलग स्थानों पर खुद को ‘RAW एजेंट’ या ‘असिस्टेंट कमांडेंट’ बताकर लोगों पर प्रभाव जमाने और निजी लाभ लेने के लिए करता था।
दर्ज हुआ मुकदमा
गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना कोतवाली चंदौली में मुकदमा संख्या 0122/2026 पंजीकृत कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(4) व 340(2) के तहत अभियोग दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक विजय बहादुर सिंह, उपनिरीक्षक वीरेन्द्र यादव (चौकी प्रभारी कस्बा) तथा हेड कांस्टेबल धीरेन्द्र यादव की अहम भूमिका रही।
निष्कर्ष
चंदौली पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि तकनीक का दुरुपयोग करने वालों पर कानून की नजर सख्त है और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी


















