चंदौली में बाढ़ का कहर, चकिया के सभी स्कूल दो दिन के लिए बंद, शहाबगंज-सदर के चयनित विद्यालय भी रहेंगे बंद, BSA ने जारी किया आदेश

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चंदौली में बाढ़ का कहर, चकिया के सभी स्कूल दो दिन के लिए बंद, शहाबगंज-सदर के चयनित विद्यालय भी रहेंगे बंद, BSA ने जारी किया आदेश

चंदौली : जिले में लगातार हो रही बारिश और नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन चकिया, शहाबगंज और सदर ब्लॉक के कई विद्यालयों को दो दिनों के लिए बंद करने का आदेश जारी किया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सचिन कुमार ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी हाल में जोखिम नहीं उठाया जाएगा।

चकिया ब्लॉक के सभी विद्यालय दो दिन बंद

चकिया ब्लॉक के लगभग सभी क्षेत्र बाढ़ की चपेट में हैं। कई गांवों तक पहुंचने के रास्ते बंद हो चुके हैं और विद्यालय परिसरों में भी पानी भर गया है। ऐसे में चकिया ब्लॉक के सभी विद्यालयों को पूरी तरह बंद रखने का आदेश दिया गया है।

शहाबगंज और सदर ब्लॉक में चयनित विद्यालय बंद

वहीं शहाबगंज और सदर ब्लॉक के भी कुछ विद्यालयों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें प्राथमिक विद्यालय डुमरी, प्राथमिक विद्यालय नवाबपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय गुरारी, प्राथमिक विद्यालय दुदे, कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय दुदे शामिल है। इन विद्यालयों में बाढ़ का पानी भरने या आसपास के क्षेत्रों में जलभराव के कारण सुरक्षा की दृष्टि से कक्षाएं स्थगित की गई हैं।

अन्य विद्यालयों में सुरक्षित स्थानों पर चलेंगी कक्षाएं

शहाबगंज और सदर ब्लॉक के शेष विद्यालय खुले रहेंगे, लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर सुरक्षित स्थानों पर ही पठन-पाठन की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाएं संचालित नहीं की जाएंगी। बीएसए ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि ऐसे भवनों में छात्रों को जाने की अनुमति नहीं होगी।

डीएम के आदेश पर लिया गया निर्णय

बीएसए सचिन कुमार ने बताया कि यह निर्णय जिलाधिकारी के निर्देशों के तहत लिया गया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हालात सामान्य होते ही विद्यालयों को पुनः खोलने पर विचार किया जाएगा।

सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क

बाढ़ प्रभावित इलाकों में जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। स्कूलों के शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने विद्यालयों के आसपास की स्थिति पर लगातार नजर रखें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल रिपोर्ट करें।