आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिला कौशल विकास प्रशिक्षण
चंदौली : चहनिया के ग्राम सभा खंडवारी स्थित पंचायत भवन के सभागार में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण रॉकेट लर्निंग संस्था के जिला समन्वयक संजीव कुमार द्वारा दिया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रारंभिक बाल्यावस्था में शिक्षा के आधुनिक और प्रभावी तरीकों से अवगत कराना था।
बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया गया जोर
प्रशिक्षण के दौरान संजीव कुमार ने बताया कि शिशु अवस्था से ही बच्चों के मानसिक, शारीरिक, सामाजिक और बौद्धिक विकास पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। बच्चों को पढ़ाने के पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ खेल-खेल में शिक्षा देने की पद्धति को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि जब बच्चे खेलते-खेलते सीखते हैं, तो वे जल्दी और आसानी से चीजों को समझ पाते हैं।
उन्होंने प्रशिक्षण में बताया कि बच्चों को पढ़ाते समय पांच महत्वपूर्ण विकासात्मक नियमों का पालन किया जाना चाहिए।
◆ भाषा विकास : बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा दी जाए और उन्हें अन्य भाषाओं से भी परिचित कराया जाए।
◆ शारीरिक विकास : छोटे और बड़े खेलों के माध्यम से बच्चों की मांसपेशियों को विकसित किया जाए।
◆ रचनात्मक विकास : चित्रकारी, कहानी सुनाने और हस्तकला जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए।
◆ सामाजिक एवं भावनात्मक विकास : बच्चों को समूह में कार्य करने, सहयोग, नेतृत्व और आत्म-अनुशासन का अभ्यास कराया जाए।
◆ बौद्धिक एवं संज्ञानात्मक विकास : गणितीय कौशल, पहेलियां, पजल्स और तर्क शक्ति को मजबूत करने वाले खेलों को शिक्षा का हिस्सा बनाया जाए।
खेल-खेल में सीखने की विधि अपनाने की सलाह
संजीव कुमार ने बताया कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा में दृश्य-श्रव्य (ऑडियो-विजुअल) सामग्री का उपयोग करना चाहिए, जिससे वे चीजों को जल्दी समझ सकें। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चे अनुशासन और नियमों का पालन करें। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि किस प्रकार से मौखिक अभ्यास, चित्रकारी, गृहकार्य और अन्य भाषाओं की जानकारी के माध्यम से बच्चों की रुचि को बढ़ाया जा सकता है।
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भागीदारी
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रमुख रूप से उपस्थित कार्यकर्ताओं में बेबी पाण्डेय, निर्मला देवी, शशिकला देवी, सरिता पाण्डेय, सिंधु यादव समेत कई अन्य शामिल रहीं। सभी ने इस प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उनकी कार्यशैली में सुधार आएगा और वे बच्चों को अधिक प्रभावी तरीके से शिक्षित कर पाएंगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने की सकारात्मक प्रतिक्रिया
प्रशिक्षण के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि इस सत्र से उन्हें बच्चों को पढ़ाने के नए तरीके सीखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि पहले वे पारंपरिक तरीके से ही बच्चों को पढ़ाती थीं, लेकिन अब वे खेल और अन्य गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाई को अधिक रोचक और प्रभावी बना सकेंगी।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम रॉकेट लर्निंग संस्था के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था, जो कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए कार्य कर रही है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की दक्षता बढ़ाने में मददगार साबित होंगे और बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने में योगदान देंगे।


















