चंदौली में ‘नो हेल्मेट, नो फ्यूल’ नीति को प्रभावी रूप से लागू करने पर बैठक सम्पन्न
चंदौली : सड़क सुरक्षा को लेकर जिले में कठोर नियमों को लागू करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे की अध्यक्षता में ‘जिला सड़क सुरक्षा समिति’ की बैठक संपन्न हुई। बैठक में विशेष रूप से ‘नो हेल्मेट, नो फ्यूल’ नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने पर चर्चा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में सड़क सुरक्षा के नियमों को कड़ाई से पालन कराया जाए और पेट्रोल पंप संचालकों एवं संबंधित अधिकारियों का एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया जाए। इस ग्रुप का उद्देश्य पेट्रोल पंपों पर नियमों के उल्लंघन को मॉनिटर करना होगा। यदि कोई बिना हेल्मेट पहने दोपहिया वाहन चालक पेट्रोल भराने की कोशिश करता है या जबरदस्ती करता है, तो उसकी तस्वीर खींचकर ग्रुप में भेजी जाएगी। इसके बाद संबंधित अधिकारी द्वारा उस वाहन चालक के खिलाफ निर्धारित चालान किया जाएगा।

पेट्रोल पंपों पर जागरूकता अभियान
जिलाधिकारी ने पेट्रोल पंप संचालकों को यह निर्देश दिया कि बिना हेल्मेट पहने किसी भी दोपहिया वाहन चालक को पेट्रोल न दिया जाए। इसके साथ ही, हेल्मेट पहनने के फायदे समझाकर लोगों को जागरूक करने का भी सुझाव दिया गया। उन्होंने बताया कि हेल्मेट न पहनने के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या को कम किया जा सकता है।
26 जनवरी 2025 से लागू है सख्ती
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि परिवहन विभाग द्वारा जिले में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘नो हेल्मेट, नो फ्यूल’ नीति को लागू किया गया है। यह नीति 26 जनवरी 2025 से प्रभावी है। इसके तहत सभी पेट्रोल पंपों पर होर्डिंग लगाए जाएंगे, जिनमें यह साफ तौर पर लिखा होगा कि “बिना हेल्मेट पहने किसी भी दोपहिया वाहन चालक और सहयात्री को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा।”
सख्ती से होगा नियमों की पालन
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है। इस संबंध में सभी उपजिलाधिकारी, एआरटीओ (सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी), जिला आपूर्ति अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों को इस नियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में ओवरलोडिंग, नशे की हालत में वाहन चलाने, बिना हेल्मेट या बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाने और गलत दिशा में वाहन संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों पर निर्धारित दंड लगाया जाएगा।
ब्लैक स्पॉट को किया जाएगा चिन्हित
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट (वे स्थान जहां बार-बार सड़क दुर्घटनाएं होती हैं) की पहचान की जाएगी। इन स्थानों पर सुरक्षा उपाय किए जाएंगे और संभावित खामियों को दूर कर दुर्घटनाओं को कम करने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा, लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक के दौरान एआरटीओ, उप जिलाधिकारीगण, पुलिस क्षेत्राधिकारी, पीडीडीयू नगर, डीएफओ, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया कि ‘नो हेल्मेट, नो फ्यूल’ नीति का पालन कठोरता से हो और जनपद में सड़क सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन न होने पाए।
निष्कर्ष
चंदौली प्रशासन ‘नो हेल्मेट, नो फ्यूल’ नीति को पूरी तरह से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। हेल्मेट पहनने के प्रति जागरूकता बढ़ाकर और नियमों का सख्ती से पालन कराकर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासन का यह कदम जिले में यातायात सुरक्षा को और मजबूत करेगा और लोगों की जान बचाने में सहायक होगा।


















