लटक रहे बिजली के तार, बेपरवाह है जिम्मेदार

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लटक रहे बिजली के तार, बेपरवाह है जिम्मेदार

चंदौली : जिले की सड़कों एवं खेतों की ओर निकलना मतलब जान हथेली पर रखकर घूमना कारण बिजली के तार हादसों को दावत दे रहे हैं. यहां हर पल सिर पर मौत मंडराती रहती है, लेकिन हुक्मरानों को शायद ऐसे हादसों का इंतजार है. जिले में बिजली के तार हादसों को दावत दे रहे हैं. हर महीने सुविधाओं के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत दावों को खोखला साबित कर रही है. इसकी बानगी चहनियां क्षेत्र के अमिलाई, सढ़ान गांव सहित अन्य जगहों पर देखने को मिलेगी. जहां बिजली के तार मौत बनकर लटक रहे है.

चहनियां क्षेत्र के सढ़ान गांव में बिजली विभाग की लापरवाही देखने को मिल रही है. बिजली का तार जर्जर होकर लटक रहा है. ग्रामीणों द्वारा विभागीय अधिकारियों को सूचना देने के बाउजूद भी सम्बन्धित विभाग चुप्पी साधे हुआ है. वही कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया. ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए बताया कि बिजली विभाग की लापरवाही से गांव में कभी भी बड़ी घटना घट सकती है. वर्ष 1978 में कृषि कार्य हेतु विद्युतीकरण किया गया था. उस समय 11 हजार वोल्ट लाइन का तार मुख्य मार्ग तथा खेतों से होकर विभिन्न पम्पसेट तक पहुंचा था.

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में विद्युतीकरण के दौरान एक पोल से दूसरे विद्युत पोल की दूरी 100 मीटर रखी गई थी. वर्तमान समय में विद्युत पोल जर्जर हो चुके है. वही विद्युत तार में ढीलापन आने के कारण मुख्य मार्ग तथा खेतों में इतना लटक चुका है कि किसी समय पशु या आदमी ट्रैक्टर से जुताई व खेतों में अन्य कार्य करते समय दुर्घटना का शिकार हो सकता है. कहा कि इसकी सूचना कई बार सम्बन्धित विभाग के जेई, एसडीओ व क्षेत्रीय लाइन मैन को मौखिक व लिखित रूप से दी गई. इसके बाउजूद ना ही जर्जर बिजली के पोल बदले गए और न ही विद्युत तार को टाइट किया गया. वर्तमान समय में किसान अपनी फसलों की देखभाल व अन्य कार्य में जुटे हुए है. ग्रामीणों ने कहा कि अगर शीघ्र ही समस्या का निस्तारण नही किया जाता है तो किसी समय बड़ी घटना घट सकती है और इसकी सारी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी.

प्रदर्शन करने वालों में राजेंद्र, बबलू, वेदप्रकाश, राजेश, त्रिभुवन, अशोक, स्वतंत्र सहित आदि ग्रामीण मौजूद रहे.