ग्राम प्रधान को हाईकोर्ट से मिली राहत, जिलाधिकारी ने वापस लिया आदेश

314

ग्राम प्रधान को हाईकोर्ट से मिली राहत, जिलाधिकारी ने वापस लिया आदेश

चंदौली : चहनियां क्षेत्र अंतर्गत महुवारी खास ग्राम पंचायत के प्रधान सत्येंद्र कुमार सिंह को प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियों से वंचित करने के जिलाधिकारी चंदौली के आदेश को अंततः वापस लेना पड़ा। माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस पूरे मामले में गंभीर आपत्ति दर्ज करते हुए जिलाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा था। न्यायालय की सख्ती के बाद जिलाधिकारी ने न केवल अपना आदेश निरस्त किया बल्कि प्रधान के विरुद्ध जारी समस्त वसूली एवं कुर्की की कार्यवाहियां भी समाप्त कर दीं।

इस प्रकार है मामला

जिलाधिकारी चंदौली द्वारा 26 मार्च 2025 को आदेश पारित कर ग्राम प्रधान सत्येंद्र कुमार सिंह की प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके बाद 11 अप्रैल 2025 को उपजिलाधिकारी सकलडीहा ने प्रधान के विरुद्ध कुर्की का आदेश जारी किया। इन आदेशों को सत्येंद्र कुमार सिंह ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में चुनौती दी।

हाईकोर्ट की सख्ती

इस रिट याचिका पर 1 अगस्त 2025 को सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी की कार्यवाही पर गंभीर आपत्ति जताई और स्पष्ट किया कि इस प्रकार की कार्रवाई में ठोस आधार होना आवश्यक है। अदालत ने जिलाधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता कार्तिकेय शरण को अगली तारीख पर पक्ष रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने माना आदेश त्रुटिपूर्ण

इसके क्रम में 12 अगस्त 2025 को हुई अगली सुनवाई में अपर महाधिवक्ता ने न्यायालय को अवगत कराया कि जिलाधिकारी ने 26 मार्च 2025 के अपने आदेश को त्रुटिपूर्ण मानते हुए स्वयं निरस्त कर दिया है। साथ ही प्रधान के विरुद्ध शुरू की गई सभी वसूली एवं कुर्की की कार्यवाहियां भी समाप्त कर दी गई हैं।

अधिवक्ता ने रखा पक्ष

ग्राम प्रधान की ओर से हाईकोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता सौरभ प्रताप सिंह ने न्यायालय को बताया कि जिलाधिकारी की कार्रवाई कानून सम्मत नहीं थी और इसीलिए न्यायालय ने प्रारम्भ से ही इस मामले को गंभीरता से लिया। अदालत की सख्ती के बाद ही जिलाधिकारी को अपना आदेश वापस लेना पड़ा।

प्रधान ने कहा अंततः सत्य की हुई जीत

इस निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ग्राम प्रधान सत्येंद्र कुमार सिंह ने कहा, “जिलाधिकारी द्वारा मेरे खिलाफ की गई कार्रवाई अन्यायपूर्ण एवं नियम विरुद्ध थी। माननीय उच्च न्यायालय ने मुझे न्याय दिलाया है। अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया कि गलत आदेश ज्यादा दिन तक टिक नहीं सकते। अंततः जीत सत्य की होती है।” प्रधान ने आगे कहा कि न्यायालय द्वारा दर्ज की गई आपत्ति और की गई सख्ती के दबाव में जिलाधिकारी को आदेश वापस लेना पड़ा। उन्होंने उच्च न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त किया।

निष्कर्ष

इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध बिना ठोस आधार के की गई प्रशासनिक कार्रवाई न्यायालय की कसौटी पर टिक नहीं सकती। ग्राम प्रधान सत्येंद्र कुमार सिंह को न्यायालय से मिली यह राहत क्षेत्र में चर्चाओं का विषय बनी हुई है।