चंदौली में परिवहन विभाग का बड़ा अभियान, डग्गामार वाहनों पर कसा शिकंजा, पांच बसें सीज, 12 का चालान
चंदौली : अवैध और नियमों की अनदेखी कर सड़कों पर दौड़ रहे डग्गामार वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शासन के निर्देशानुसार, एआरटीओ (सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी) डॉ. सर्वेश गौतम के नेतृत्व में सोमवार से विशेष अभियान शुरू किया गया। इस दौरान विभाग की टीम ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रियता दिखाते हुए कई बसों की जांच की और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की।
अभियान के तहत पांच बसें सीज, 12 पर जुर्माना
परिवहन विभाग की टीम ने सुबह से ही विभिन्न मार्गों पर चल रही बसों की जांच शुरू की। इस दौरान पांच बसों को सीज कर दिया गया क्योंकि ये पूरी तरह से अवैध रूप से संचालित हो रही थीं और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रही थीं। इसके अलावा, 12 अन्य बसों का चालान भी किया गया। इन बसों के चालक बिना लाइसेंस, बिना फिटनेस सर्टिफिकेट और अन्य जरूरी दस्तावेजों के वाहन चला रहे थे, जिससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में थी।
डग्गामार बसों पर कार्रवाई से मचा हड़कंप
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से बस मालिकों और चालकों में हड़कंप मच गया है। कई वाहन मालिक अब अपनी बसों की स्थिति को लेकर चिंतित हो गए हैं, क्योंकि इस अभियान के तहत आगे और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम ने साफ कहा कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जो भी वाहन सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए पाए जाएंगे, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि : एआरटीओ
एआरटीओ डॉ. गौतम ने बताया कि शासन की मंशा यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। अवैध और बिना मानक के चलने वाले डग्गामार वाहन न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि यात्रियों की जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं। इसलिए, जो वाहन बिना फिटनेस, बिना लाइसेंस या अन्य जरूरी दस्तावेजों के बिना सड़कों पर दौड़ रहे हैं, उनके खिलाफ लगातार अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
परिवहन विभाग की टीम ने इस दौरान कई अन्य बसों की भी जांच की और चेतावनी दी कि अगर वे नियमों का पालन नहीं करती हैं, तो अगली बार उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इस अभियान के तहत सभी बसों और अन्य यात्री वाहनों की गहन जांच की जाएगी, ताकि केवल सुरक्षित और कानूनी रूप से पंजीकृत वाहन ही सड़कों पर चलें।
इस कार्रवाई के बाद अब बस मालिकों और चालकों के बीच खलबली मच गई है। परिवहन विभाग का यह सख्त रवैया यह दर्शाता है कि नियमों का पालन न करने वालों के लिए अब कोई रियायत नहीं होगी। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।


















